खबर का हुआ असर: पेयजल संकट पर विधायक की पहल, 5 पंचायतों के 32 गांवों में जल्द बहाल होगी जलापूर्ति 

Palamu: पलामू जिले के नीलांबर पीतांबरपुर प्रखंड के 5 पंचायतों के 32 गांवों के ग्रामीणों के लिए एक राहत भरी खबर सामने...

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Palamu: पलामू जिले के नीलांबर पीतांबरपुर प्रखंड के 5 पंचायतों के 32 गांवों के ग्रामीणों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. इन क्षेत्रों में एक बार फिर से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल होने की उम्मीद जग गई है. न्यूज़ वेव में पेयजल संकट की खबर प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद पांकी विधानसभा के स्थानीय विधायक कुशवाहा डॉ. शशिभूषण मेहता ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने बिना किसी देरी के तत्काल कदम उठाते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए, जिसके बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) द्वारा जलापूर्ति योजना के मेंटेनेंस और रखरखाव के लिए निविदा (टेंडर) जारी कर दी गई है. निविदा की प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द से जल्द जलापूर्ति दोबारा शुरू कर दी जाएगी.   

मीडिया में खबर आने के बाद बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता

इस संबंध में पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता ने कड़े शब्दों में कहा कि आम जनता को शुद्ध पेयजल मुहैया कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है.  जलापूर्ति जैसी आवश्यक बुनियादी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढुलमुल रवैया किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भीषण गर्मी के बीच उपजे इस संकट को देखते हुए उन्होंने पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता को फोन कर कड़ा निर्देश दिया कि इंटेकवेल की मोटर से जुड़ी तमाम तकनीकी खामियों को युद्धस्तर पर दूर किया जाए और प्रभावित गांवों में अविलंब पानी की सप्लाई चालू की जाए. 

‘शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता’ : विधायक

गौरतलब है कि इस बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजना का मेंटेनेंस और सुचारू संचालन स्थानीय स्तर पर जलकर की वसूली के माध्यम से किया जाना तय हुआ था. परंतु जमीनी स्तर पर जल सहियाओं द्वारा जलकर की वसूली नहीं की जा रही थी और संबंधित पंचायतों के मुखिया भी इस व्यवस्था को सुदृढ़ करने में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहे थे. जलकर न मिलने के कारण इस योजना के फंड में राशि का भारी अभाव हो गया, जिसका सीधा असर रख-रखाव पर पड़ा. राशि की कमी की वजह से इस जलापूर्ति योजना के कर्मियों का मानदेय भुगतान रुक गया और पिछले दो महीनों से इंटेकवेल का मुख्य मोटर भी खराब पड़ा हुआ था.

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जलकर वसूली नहीं होने से उत्पन्न हुई समस्या

मोटर खराब होने के कारण पिछले दो महीनों से इन 32 गांवों की जलापूर्ति पूरी तरह ठप थी, जिससे हजारों ग्रामीणों के सामने पानी का विकराल संकट खड़ा हो गया था.  इस भीषण गर्मी और तपिश के बीच ग्रामीण शुद्ध पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे थे और पूरे इलाके में हाहाकार मचा हुआ था. लेकिन मीडिया में खबर आने और पांकी विधायक द्वारा व्यक्तिगत रूप से तत्परता दिखाए जाने के बाद अब इस समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है. टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और बहुत जल्द इन सभी आश्रित गांवों के घरों में नल से जल की आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी. 

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