Ranchi: ही में संपन्न हुए जिला परिषद चुनाव में निर्वाचित चतरा जिला परिषद अध्यक्ष अताउल रहमान द्वारा कथित रूप से झूठा हलफनामा दायर किए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश आनंदा सेन की अदालत ने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश
अदालत ने मामले में मुख्य सचिव, नगर विकास विभाग के सचिव एवं चतरा जिले के उपायुक्त को प्रतिवादी बनाते हुए छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है.

हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप
मामले में प्रार्थी की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ता विनोद सिंह ने अदालत को बताया कि जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित अताउल रहमान ने चुनाव के दौरान प्रस्तुत हलफनामे में कथित रूप से गलत जानकारी दी है. अधिवक्ता के अनुसार, अताउल रहमान के तीन बच्चे हैं, जबकि उन्होंने अपने हलफनामे में केवल दो बच्चों की जानकारी दी और उसी आधार पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की.
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राशन कार्ड और स्कूल रिकॉर्ड अदालत में प्रस्तुत
अधिवक्ता विनोद सिंह ने साक्ष्य के रूप में अदालत के समक्ष अताउल रहमान का राशन कार्ड तथा उनके बच्चों से संबंधित स्कूल रिकॉर्ड प्रस्तुत किया है. इन दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है.
पहले भी की गई थी शिकायत
अधिवक्ता विनोद सिंह ने अदालत को यह भी बताया कि इस मामले को पहले नगर विकास विभाग के सचिव के समक्ष उठाया गया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद उन्होंने न्याय की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अब इस मामले में संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी.
