Ranchi: झारखंड की सियासत में राज्यसभा चुनाव के बहाने स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए एक नया सियासी नारा उछाल दिया है. विधानसभा परिसर में भाजपा विधायकों से मुलाकात के बाद डॉ. अंसारी ने तंज कसते हुए कहा, भाजपा देश में पहले अडानी-अंबानी की राजनीति लेकर आई और अब झारखंड पर नाथवानी को थोपने का प्रयास कर रही है. उन्होंने भाजपा विधायकों से दलगत राजनीति, भय और दबाव से ऊपर उठकर राज्य के स्वाभिमान के लिए अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट करने की भावुक अपील की है.
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पशुधन से धन और पशु दोनों से प्यार कैसे
स्वास्थ्य मंत्री ने भाजपा की पुरानी राजनीति पर तंज कसते हुए याद दिलाया कि जो भाजपाई कभी नाथवानी को पशुधन कहते थे, आज उन्हें अचानक पशु और धन दोनों से इतना प्यार कैसे हो गया. उन्होंने आक्रामक लहजे में पूछा कि क्या झारखंड में योग्य, शिक्षित और संघर्षशील चेहरों की कमी है जो बाहर से उम्मीदवार इम्पोर्ट करने पड़ रहे हैं. संख्या बल न होने के बावजूद गुणा-भाग करने पर उन्होंने भाजपा को शांत रहने की नसीहत दी.
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महागठबंधन के प्रणव झा के लिए मांगा समर्थन
भाजपा के सांसदों और विधायकों को बाहरी बताते हुए डॉ. अंसारी ने कहा कि यहां की जनता ने उन्हें सिर्फ धर्म के नाम पर वोट दिया है. अगर उन्हें वाकई झारखंड की माटी, संस्कृति और यहां के लोगों की भावनाओं का सम्मान है, तो वे महागठबंधन के लोकप्रिय उम्मीदवार प्रणव झा का समर्थन करें. झारखंड बिकाऊ नहीं है और न ही यह कभी झुकने वाला है. राज्य का प्रतिनिधित्व वही करेगा जो यहां के हितों को समझेगा.
