Ranchi: राजधानी रांची के डोरंडा और उसके आस-पास के इलाकों के लिए सोमवार का दिन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से एक बड़ी सौगात लेकर आया. आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में अब स्थानीय मरीजों को एंबुलेंस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. ग्रेटर रांची डेवलपमेंट एजेंसी (जीआरडीए) ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए डोरंडा राजकीय औषधालय (पीएचसी) को आधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित एक हाईटेक एंबुलेंस सौंप दी है. नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने इस नई लाइफलाइन को हरी झंडी दिखाकर डोरंडा अस्पताल के लिए रवाना किया. मंत्री आवास के समक्ष आयोजित समारोह में जीआरडीए के महाप्रबंधक राकेश कुमार नंदक्योलियार ने संस्थान की ओर से एंबुलेंस की चाबी नगर विकास मंत्री को सौंपी. इस मौके पर महाप्रबंधक ने मंत्री सुदिव्य कुमार को शाल ओढ़ाकर, बुके और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया. इसके बाद मंत्री ने एंबुलेंस की चाबी सदर अस्पताल के डॉक्टर ताबान रिजवी को सुपुर्द की. कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद यह एंबुलेंस राजकीय अस्पताल की प्रभारी डॉ. मिता सिन्हा को सौंप दी गई.
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क्षेत्र के निवासियों को मिलेगी बड़ी राहतः मंत्री सुदिव्य
इस मौके पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का संकल्प दोहराते हुए नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि डोरंडा अस्पताल के लिए इस आधुनिक एंबुलेंस का उपलब्ध होना क्षेत्र के आम नागरिकों और गरीबों के लिए एक बड़ी राहत की बात होगी. समय पर चिकित्सा मिलना हर नागरिक का अधिकार है. कार्यक्रम को सफल बनाने में जीआरडीए के साकेत कुमार और शशि पाठक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. जीआरडीए की इस पहल से अब डोरंडा पीएचसी में आने वाले गंभीर मरीजों को त्वरित इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में शिफ्ट करना बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा.
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