कभी भी घट सकती है पुल में बड़ी दुर्घटना,पिछले भारी वर्षा का भेंट चढ़ गया था पुल और हो गया था क्षतिग्रस्त

Chatra : प्रखण्ड के कान्हाचट्टी बाजार से डोंडागड़ा,पेलतौल कला होते पांडेमहुआ भाया बी के प्लस टू उच्च विद्यालय तक जाने वाली सड़क...

Chatra : प्रखण्ड के कान्हाचट्टी बाजार से डोंडागड़ा,पेलतौल कला होते पांडेमहुआ भाया बी के प्लस टू उच्च विद्यालय तक जाने वाली सड़क पूरी तरह से टूट कर ध्वस्त हो चुका है. बी के प्लस टू उच्च विद्यालय से पांडेमहुआ भाया कान्हाचट्टी की जर्जर सड़क से प्रतिदिन हजारों दो और चार पहिया वाहनों का आना जाना लगा रहता है. और प्रतिदिन इन वाहनों से उक्त सड़क में घटना दुर्घटना होते रहता है. लेकिन इस जर्जर सड़क पर ना ही सांसद,विधायक और ना ही जिला प्रशासन का कोई ध्यान है।बी के प्लस टू उच्च विद्यालय से पांडेमहुआ भाया कान्हाचट्टी की दूरी लगभग आठ किलोमीटर है लेकिन इस आठ किलोमीटर में लगभग 1600 सौ गड्ढे हैं. बी के प्लस टू उच्च विद्यालय से पांडेमहुआ और कान्हाचट्टी बाजार से पांडेमहुआ जाने में जहां जब सड़क अच्छी रहती है तो दो या चार पहिया वाहन से मात्र पांच मिनट लगता है उस सड़क में उतना ही दूरी तय करने में जर्जर सड़क के कारण 40 से 50 मिनट का समय लग जाए रहा है. इस सड़क से ही कई बात सांसद महोदय एवं विधायक जी का भी आना जाना होता है लेकिन फिर भी इस सड़क पर किन्ही का भी ध्यान नहीं है. कई बार स्थानीय ग्रामीणों ने भी जर्जर सड़क को बनवाने की मांग सांसद और विद्यायक से कर चुके हैं.

8 किलोमीटर में 1600 गड्ढे :

कान्हाचट्टी प्रखण्ड के यह सड़क अपने आप मे एक पहचान रखता था लेकिन इस सड़क में मानो सड़क में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढे में ही सडक है. बताया जाता है कि उक्त सड़क की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है और इस आठ किलोमीटर की सड़क में लगभग 1600 गड्ढे हैं. अर्थात यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि इस सड़क में गड्ढे हैं बल्कि गड्ढे में ही सड़क नजर आ रहा है.

सबसे ज्यादा हॉस्पिटल जाने वाली गर्भवती महिलाओं को होता है

जमरी बक्सपुरा पंचायत और चारु पंचायत के किसी भी गांव की गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को जब हॉस्पिटल तक ले जाना होता है तो उसी जर्जर सड़क से गुजरना पड़ता है. चाहें कान्हाचट्टी स्वास्थ्य केंद्र जाए तब भी या फिर चतरा सदर अस्पताल जाए तब भी उसी जर्जर सड़क से ही गुजरना पड़ेगा. ऐसे में यदि जिला प्रशासन इसकी मरम्मति नहीं करवाती है तो इस बर्षात में लोगो को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा.

पिछले वर्ष भारी वर्षा का भेंट चढ़ गया था बड़की नदी का पुल

पिछले बार जब भारी बारिश हुई थी तो अचानक नदी नालों में भारी बाढ़ आ गया था. उसी बाढ़ में कान्हाचट्टी से पांडेमहुआ जाने वाली सड़क में पड़ने वाली बड़की नदी पर बनी पुल का एप्रोच पथ पुरी तरह से बह गया था. पूल छतिग्रत हो गया था. इतना ही नही, पूल के दो पाया पिलर भी डैमेज हुआ था. जिससे आना जाना खतरे से खेलने के बराबर है. बताते चलें कि क्षतिग्रस्त पुल से बड़ी वाहन आना जाना नही करती है।लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी इस क्षतिग्रस्त पुल का सुध लेने कोई विभाग नहीं आया. जबकि बताते चलें कि जिस सड़क में पुल है वह आर ई ओ विभाग का सड़क है. और जिला परिषद वर्ष 2007-8 में इस पुल को बनाया था.

विधायक का आश्वासन भी हुआ फेल

पिछले बारिश में जब भारी वर्षा ने तबाही मचाई थी और उस भारी वर्षा के कारण जब पुल डैमेज हुआ था तो स्थानीय विधायक जनार्दन पासवान क्षतिग्रस्त पूल का निरीक्षण भी किए थे. और उन्होंने जनता को आश्वस्त किया था कि जल्द इस क्षतिग्रस्त पूल की मरम्मत करवाया जाएगा. लेकिन लगभग एक वर्ष होने को चला अभी तक उनका आश्वासन,आश्वासन ही बनकर रह गया है.

ग्रामीणों की उम्मीद की किरण डी सी साहब पर

जमरी बक्सपुरा और चारु पंचायत वासियों को सांसद विधायक से आश्वासन मिला लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नही हुआ. जिससे अब ग्रामीणों का आशा केवल डी सी साहब पर टिकी है. जमरि मुखिया आफताब हुसैन ने बताया कि सांसद विधायक केवल आश्वासन देते हैं. उक्त सड़क पर वाहन तो छोड़िए पैदल चलना भी दूभर है. वहीं चारु पंचायत के समाजसेवी राजकुमार सिंह कहते हैं कि आश्वासन देना आसान है लेकिन उसका अनुपालन करवाना उतना ही कठिन. उन्होंने कहा कि अब डी सी साहब ही इस जर्जर सड़क और पुल पर कुछ कर सकते हैं.

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