Ranchi: नगड़ी की उपजाऊ कृषि भूमि पर प्रस्तावित रिम्स-2 निर्माण के खिलाफ आज आदिवासी समाज, किसानों और ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा. हजारों की संख्या में लोग नगड़ी से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च के लिए निकले, रास्ते में उन्हें जगह जगह रोका गया लेकिन ये लोग नदी और खेत से होते हुए मोराबादी पहुंच गए अब प्रशासन ने उन्हें ऑक्सीजन पार्क के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और अपने अन्य साथियों के पहुंचने का इंतजार कर रहे है.
आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार विकास के नाम पर उनकी खेती-किसानी और आजीविका छीनने की तैयारी कर रही है. उनका कहना है कि जिस जमीन पर रिम्स-2 बनाने की योजना है, वह इलाके की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि में शामिल है, जहां सैकड़ों परिवार खेती पर निर्भर हैं. ऐसे में अस्पताल निर्माण के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किसानों के भविष्य पर सीधा प्रहार होगा.

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने कहा…
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि वे स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसके लिए बंजर या गैर-कृषि भूमि का चयन किया जाना चाहिए. उनका सवाल है कि जब राज्य में अन्य वैकल्पिक जमीन उपलब्ध है तो फिर उपजाऊ खेतों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है.
प्रशासनिक रोक के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं दिखा. कई ग्रामीण खेतों और नदी के रास्ते होते हुए ऑक्सीजन पार्क तक पहुंचे. उनका आरोप है कि मार्च को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग आंदोलन स्थल तक पहुंचने में सफल रहे.
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