Chakradharpur: आगामी वर्ष 2027 में चक्रधरपुर में प्रस्तावित 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की तैयारियों को लेकर विभिन्न प्रखंडों में 5 कुण्डीय सामूहिक प्रार्थना गायत्री यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. इसी क्रम में बुधवार को कराईकेला में 5 कुण्डीय सामूहिक प्रार्थना यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया. यज्ञ का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हुआ. कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की. संध्या समय दीप यज्ञ का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया.
यज्ञ में सात लोगों को मिली गायत्री दीक्षा
कार्यक्रम में सात यजमानों को गायत्री दीक्षा प्रदान की गई, वहीं एक गर्भवती महिला का पुंसवन संस्कार भी संपन्न कराया गया. यज्ञ में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह देखने को मिला. आयोजकों ने बताया कि यह यज्ञ आगामी 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की तैयारियों का हिस्सा है. इससे पूर्व मनोहरपुर और सोनुआ प्रखंडों में भी इसी प्रकार के यज्ञ आयोजित कर लोगों को महायज्ञ से जोड़ने तथा उसके व्यापक प्रचार-प्रसार का कार्य किया गया है.

गायत्री साधना और संस्कारों के महत्व पर डाला प्रकाश
इस अवसर पर गायत्री शक्ति पीठ गोलपहाड़ी से पधारे टाटानगर उपजोन समन्वयक संतोष संगम ने व्यासपीठ का संचालन करते हुए गायत्री साधना, संस्कार एवं यज्ञ के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में नैतिकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का माध्यम है. कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय गायत्री परिवार के सदस्य गंगेश प्रजापति, मनोज महतो, सियाराम पंडित, मनोज प्रधान, सबिता, जोशना, सुलोचना एवं ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
