Ranchi: झारखंड में आदिवासी अधिकारों, जल, जंगल, जमीन और सीएनटी, एसपीटी एक्ट को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए गैंगस्टर राहुल सिंह ने आदिवासी नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा पर सीधा निशाना साधा है. राहुल सिंह ने ज्योत्सना केरकेट्टा के एक कथित बयान को लेकर उन पर आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है और उनसे सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण या माफी की मांग की है.

आदिवासी नेतृत्व का दावा तो फिर ऐसा बयान क्यों
राहुल सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सीधे ज्योत्सना केरकेट्टा को संबोधित करते हुए कई तीखे सवाल दागे हैं. उन्होंने लिखा ज्योत्सना केरकेट्टा से सीधा सवाल. आप आदिवासी समाज की बेटी होने का दावा करती हैं, आदिवासी नेतृत्व की बात करती हैं, और झारखंड की पहचान की बात करती हैं, तो फिर ऐसा शब्द या बयान क्यों, जिससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हों? राहुल सिंह का कहना है कि झारखंड की असली पहचान सिर्फ राजनीति की बिसात बिछाना नहीं है, बल्कि यहां के जल, जंगल, जमीन और ऐतिहासिक कानूनों सीएनटी, एसपीटी की सुरक्षा करना है. उन्होंने नेत्री को सलाह देते हुए कहा कि अगर उनके बयान से लोगों को ठेस पहुंची है, तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए और यदि गलती हुई है तो माफी मांग लेनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से समाज में उनका सम्मान बढ़ेगा, कम नहीं होगा.

सीएनटी और एसपीटी एक्ट झारखंड का सुरक्षा कवच
पोस्ट में राहुल सिंह ने सीएनटी, एसपीटी के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे झारखंड की आत्मा बताया है. राहुल सिंह ने लिखा कि सीएनटी, एसपीटी केवल कोई मामूली कानून नहीं है, बल्कि यह झारखंड के आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, परंपरा और उनके अधिकारों की सुरक्षा का एक मजबूत कवच है. यह कानून आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखता है. उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं को चेतावनी भरे लहजे में कहा, जनता के मुद्दों पर राजनीति हो, राजनीति करनी है तो जनता के मुद्दों पर करो, लेकिन सीएनटी, एसपीटी और आदिवासी अधिकारों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
