Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच राजनीतिक मर्यादाएं तार-तार होने लगी हैं. सूबे के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी के एक ताजा बयान ने राज्य की सियासत में जबरदस्त उबाल ला दिया है. BJP पर हमला बोलने के चक्कर में मंत्री जी इस बार महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान को लेकर विवादित टिप्पणी कर बैठे हैं जिसके बाद से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तलवारें खिंच गई हैं. दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में जिसे खुद इरफान अंसारी ने साझा किया है वह भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. इरफान अंसारी ने कहा पुरुष विधायकों को तो छोड़िए, महिला विधायकों के चेहरे पर भी ऐसी चमक आ गई, मानो उनके घरों में दशहरा और दिवाली एक साथ आ गई हो.
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भाजपा का अस्तित्व खत्म हो चुका है. उसने अपनी जमीर बेच दी है. स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी खेमे में भारी आक्रोश है. भाजपा ने इसे महिला विधायकों के आत्मसम्मान और गरिमा पर सीधा हमला करार दिया है, विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा महिला जनप्रतिनिधियों के चेहरे की चमक की तुलना पैसों से करना बेहद शर्मनाक और उनकी घटिया, महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है.

मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर पूर्णिमा दास का पलटवार
बीजेपी की विधायक पूर्णिमा दास ने इरफान अंसारी के इस बयान को हताशा और निराशा में दिया गया बयान बताते हुए इरफान अंसारी को कोलकाता कैश कांड की याद दिलाई है. विपक्ष ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से तत्काल बिना शर्त माफी की मांग की है. नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र के मंदिर में बैठी महिला विधायकों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राज्यसभा चुनाव के ऐन पहले आए इस विवादित बयान ने सत्ता पक्ष को बैकफुट पर धकेल दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है.
