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महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के हितों से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : उपायुक्त

Hazaribagh: उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की...

Hazaribagh: उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

पात्र लाभुकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

बैठक के दौरान उपायुक्त ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि दोनों योजनाएं महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण तथा मातृ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुकों के चयन एवं स्वीकृति प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभुक योजना के लाभ से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का चयन न हो.

आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर जोर

जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों में व्यक्तिगत स्वच्छता की आदत विकसित करना, पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना तथा प्रारंभिक शिक्षा के माध्यम से गिनती, वर्णमाला और पहाड़ा जैसी बुनियादी जानकारी देना है. उन्होंने बच्चों में अनुशासन और स्वच्छता की भावना विकसित करने के लिए उन्हें साफ-सुथरे कपड़े, यूनिफॉर्म, जूते और मोजे उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

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वीएचएसएनडी कार्यक्रम और बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा

उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन निर्धारित तिथि पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी. उन्होंने डीआरसीएचओ को विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक माह वीएचएसएनडी कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

बैठक में बाल संरक्षण विभाग की मासिक प्रगति प्रतिवेदन की भी समीक्षा की गई. इस दौरान चाइल्ड वेलफेयर कमिटी, स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक ग्रहण समेत अन्य योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई. उपायुक्त ने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को उनके अधिकारों और संरक्षण से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया जाए.

स्कूल से बाहर बच्चों के नामांकन और पुनर्वास पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से विद्यालय नहीं जा पा रहे बच्चों को चिन्हित कर उनका स्कूलों में नामांकन कराया जाए. वहीं जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं अथवा वे विशेष परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिलाया जाए. उन्होंने पॉक्सो अधिनियम से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए भी समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बैठक में समाहरणालय परिसर के समीप निर्माणाधीन प्लेस ऑफ सेफ्टी के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया.

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