लोहरदगा में दो तालाबों की बंदोबस्ती को लेकर चर्चा, एक ही समिति को मिला अधिकार

Reporter: Amit Verma Lohardaga: नगर परिषद लोहरदगा द्वारा राजस्व जलकरों की वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक की बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी कर ली...

Lohardaga
लोहरदगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति

Reporter: Amit Verma

Lohardaga: नगर परिषद लोहरदगा द्वारा राजस्व जलकरों की वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक की बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. विक्टोरिया (बड़ा) तालाब एवं उकुराइन तालाब की बंदोबस्ती को लेकर जारी आदेशों के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल है. दोनों ही मामलों में तकनीकी जांच के बाद लोहरदगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड, लोहरदगा को सफल घोषित करते हुए तालाबों की बंदोबस्ती प्रदान की गई है.

जांच में ग्लोबल मत्स्यजीवी सहयोग समिति को पाया गया अयोग्य

नगर परिषद के दस्तावेजों के अनुसार विक्टोरिया (बड़ा) तालाब की बंदोबस्ती प्रक्रिया में लोहरदगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड तथा ग्लोबल मत्स्यजीवी सहयोग समिति ने भाग लिया था. जांच के दौरान ग्लोबल मत्स्यजीवी सहयोग समिति द्वारा झारखंड राज्य सहकारी मत्स्य संघ (झारको फिशा) से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद विभागीय संकल्प संख्या-511 दिनांक 12 फरवरी 2021 के प्रावधानों के तहत लोहरदगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड को तकनीकी रूप से योग्य पाते हुए वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तालाब की बंदोबस्ती प्रदान की गई. दर वार्ता के बाद समिति ने 1.50 लाख रुपये प्रतिवर्ष की दर पर सहमति दी.

वहीं उकुराइन तालाब की बंदोबस्ती प्रक्रिया में लोहरदगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड तथा ग्लोबल मत्स्यजीवी सहयोग समिति ने आवेदन किया था. जांच में पाया गया कि ग्लोबल मत्स्यजीवी सहयोग समिति पर संयुक्त निबंधक सहयोग समिति, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, रांची द्वारा मत्स्यजीवी जलकर तालाबों की बंदोबस्ती प्राप्त करने एवं निविदा प्रक्रिया में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसके कारण समिति को अयोग्य मानते हुए लोहरदगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड को तकनीकी रूप से सफल घोषित किया गया.

ऐसे में नगर परिषद ने उकुराइन तालाब की बंदोबस्ती वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक के लिए 25 हजार रुपये प्रतिवर्ष की दर से स्वीकृत की है. नगर परिषद के निर्णय के बाद दोनों तालाबों के मत्स्य उत्पादन, संरक्षण एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी आगामी तीन वर्षों तक लोहरदगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड के पास रहेगी.

तालाबों के विकास व मत्स्यजीवियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्य करेगी समिति

इस संबंध में समिति के अध्यक्ष रफीक अंसारी ने कहा कि समिति तालाबों के विकास, मत्स्य उत्पादन बढ़ाने एवं स्थानीय मत्स्यजीवियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्य करेगी. मौके पर सचिन तौहीद अंसारी, अख्तर अंसारी, इम्तियाज खलीफा, अरुण रशीद, मुर्तुजा अंसारी, इम्तियाज अंसारी, सोनू वर्मा, मनोज रजक, संतु नायक, मुकेश नायक सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे. हालांकि बंदोबस्ती प्रक्रिया में अन्य समितियों के अयोग्य घोषित होने को लेकर स्थानीय स्तर पर विभिन्न चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं.

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