NCB के निर्देश पर CID मुख्यालय ने राज्य के सभी 24 जिलों के SP को सौंपा विशेष टास्क
Dheeraj Singh
Ranchi : झारखंड में मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी के काले कारोबार की जड़ों को उखाड़ने के लिए झारखंड पुलिस ने अब एक बड़े और नए मोर्चे पर काम शुरू कर दिया है. राज्य में NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों में अब हवाला ऑपरेटरों की भूमिका की गहन जांच शुरू की गई है. ड्रग्स सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए यह बड़ी कार्रवाई CID मुख्यालय की पहल पर की जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए CID ने राज्य के सभी 24 जिलों के पुलिस कप्तानों को विशेष टास्क सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
5 सालों के मुकदमों की हो रही है फिर से समीक्षा
नशीले पदार्थों की तस्करी में वित्तीय लेन देन के स्रोतों का पता लगाने के लिए राज्य के विभिन्न थानों में पिछले पांच सालों (वर्ष 2021 से लेकर 2025 तक) में NDPS एक्ट के तहत दर्ज किए गए सभी केस की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है. CID मुख्यालय इन सभी मामलों का पूरा ब्योरा जुटा रहा है और इसके लिए सभी जिलों के SP को पत्र लिखकर विस्तृत जानकारी मांगी गई है.
इन तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है CID की जांच
- CID के निर्देश पर जिला पुलिस मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन बिंदुओं को केंद्र में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है.
- पिछले पांच सालों में दर्ज मुकदमों की वर्तमान स्थिति और उनके अनुसंधान का स्तर क्या है.
- ड्रग्स खरीदने और बेचने के लिए मोटी रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजने में किन हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल किया गया.
- मामले में नामजद या संदिग्ध आरोपियों का बैकग्राउंड क्या है, वे वर्तमान में जेल में हैं या फरार हैं.
NCB के इनपुट पर सीआईडी की बड़ी कार्रवाई
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हवाला ऑपरेटरों के खिलाफ यह देशव्यापी मुहिम का हिस्सा है. दरअसल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो NCB ने CID मुख्यालय को पत्र लिखकर ड्रग्स तस्करी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और हवाला ऑपरेटरों की रिपोर्ट मांगी थी. इसी पत्र के आलोक में CID ने यह राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है. जिलों से रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे CID द्वारा NCB को सौंपा जाएगा, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग्स सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके.
खंगाले जा रहे हैं बैंक अकाउंट और कुंडली
- वर्ष 2021 से 2025 के बीच दर्ज मामलों के आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस उनका पूरा ब्योरा तैयार कर चुकी है. जांच के दायरे में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं.
- तस्करों और उनके करीबियों के बैंक अकाउंट्स की जांच की जा रही है ताकि संदिग्ध ट्रांजैक्शन पकड़े जा सकें.
- कौन सा आरोपी अभी जेल की सलाखों के पीछे है और कौन जमानत पर बाहर आकर दोबारा सक्रिय हो गया है, इसकी मैपिंग की जा रही है.
- जो तस्कर वर्तमान में फरार चल रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
- अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स के कारोबार को पूरी तरह से रोकने के लिए केवल तस्करों को पकड़ना काफी नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक मददगारों (हवाला ऑपरेटर्स) की कमर तोड़ना सबसे जरूरी है. इस कार्रवाई से राज्य में मादक पदार्थों की अवैध सप्लाई चेन पर बहुत बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है.
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