Bokaro: जरीडीह प्रखंड अंतर्गत टांड़ बालीडीह पंचायत के गितिलटांड़ गांव निवासी बुजुर्ग आदिवासी दंपती प्रधा मांझी एवं उनकी पत्नी चंपा देवी की मार्मिक व्यथा सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए त्वरित कार्रवाई की है. बता दें निःसंतान बुजुर्ग दंपती सामाजिक सुरक्षा पेंशन की आस लगाए हुए थे. ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जब उनकी पीड़ा साझा की गई और सहायता की अपील की गई, तब उपायुक्त अजय नाथ झा ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया. उन्होंने जरीडीह प्रखंड के प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया.
घंटे भर में मिली पेंशन स्वीकृती
उपायुक्त के निर्देश के बाद प्रखंड प्रशासन ने तत्परता से मामले की जांच की और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए कुछ घंटों में ही प्रधा मांझी एवं चंपा देवी की पेंशन स्वीकृत कर दी. पेंशन स्वीकृत होने की सूचना मिलते ही दंपती के चेहरे पर लंबे समय बाद राहत और संतोष की मुस्कान देखने को मिली.
इस पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक उनका लाभ पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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