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हेमंत सरकार का चौतरफा मास्टरस्ट्रोक: 1100 करोड़ से चमकेगी बुनियादी व्यवस्था, खदानों को हरी झंडी, पलामू को बराज की सौगात और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नया वेतनमान

Ranchi: हेमंत सरकार की सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई दूरगामी और जनहितैषी फैसलों पर मुहर लगी. बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर)...

Ranchi: हेमंत सरकार की सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई दूरगामी और जनहितैषी फैसलों पर मुहर लगी. बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, तकनीकी नेटवर्क का विस्तार करने और राज्य की समृद्ध खनिज संपदा के सुनियोजित दोहन के लिए कैबिनेट ने प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियां दी हैं.

सड़कों का जाल और सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ीकरण

• चार लेन सड़क का चौड़ीकरण: पथ प्रमंडल, रांची के तहत ‘नामकुम से डोरंडा पथ (एमडीआर-002)’ (कुल लंबाई-6.70 किलोमीटर) को चार लेन में चौड़ा और मजबूत करने के लिए रू. 162,82,22,100/- की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इसमें भूमि अधिग्रहण (लैंड एक्विजिशन) और उपयोगिता स्थानांतरण (यूटिलिटी शिफ्टिंग) का कार्य भी शामिल है.
• अमानत बराज योजना: पलामू जिले में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अमानत बराज योजना को नए सिरे से लागू करने के लिए 947.2671 करोड़ के तृतीय पुनरीक्षित प्राकलन (एस्टीमेट) को मंजूरी दी गई है.
• बांध सुरक्षा कानून: इसके अतिरिक्त, ‘बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021’ के तहत राज्य की बड़ी और मध्यम सिंचाई योजनाओं के जलाशयों की निगरानी के लिए विशेषज्ञों का एक स्वतंत्र पैनल गठित करने की स्वीकृति दी गई है.

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रोजगार को बढ़ावा और तकनीकी नेटवर्क का विस्तार

• कम्प्यूटर ऑपरेटरों को लाभ: राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में सृजित कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों के लिए नए वेतनमान और संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) राशि के भुगतान को मंजूरी दे दी गई है.
• झारनेट 2.0 का विस्तार: डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए ‘झारखंड स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (झारनेट 2.0)’ परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 जुलाई 2026 तक) के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसके लिए 65.50 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई है.
• महिला हेल्पलाइन 181: महिलाओं की सुरक्षा के लिए संचालित ‘मिशन शक्ति (संबल)’ के तहत महिला हेल्पलाइन 181 के निर्बाध संचालन हेतु सेवा प्रदाता एजेंसी ‘माइका एजुकेशनल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड’ के अनुबंध को भूतलक्षी प्रभाव से विस्तार दिया गया है.
• मोटरयान निरीक्षकों की नियुक्ति: उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के विज्ञापन संख्या-18/2016 के तहत अनुशंसित अभ्यर्थियों को मोटरयान निरीक्षक (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) के पद पर नियुक्ति देने की भी स्वीकृति दी गई है.

खनन पट्टों को मंजूरी और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन

• कोल ब्लॉक आवंटन: बोकारो के चंदनकियारी अंचल के ‘पर्वतपुर कोल ब्लॉक’ (2174.52 एकड़) और ‘सीतानाला कोल ब्लॉक’ (792.568 एकड़) में कोयला खनन पट्टे (माइनिंग लीज) को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा, गोड्डा के सुंदरपहाड़ी में ‘जीतपुर कोल ब्लॉक’ पर मैसर्स टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को खनन पट्टा स्वीकृत किया गया है.
• एमराल्ड ब्लॉक का आरक्षण: पूर्वी सिंहभूम में 24.47 वर्ग किलोमीटर के ‘एमराल्ड (पन्ना) खनिज ब्लॉक’ को आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई है.
• क्षतिपूरक वनरोपण (कैम्पा): राष्ट्रीय राजमार्ग-419 के चौड़ीकरण के एवज में धनबाद के पूर्वी टुंडी में 5.84 एकड़ भूमि को स्थायी रूप से ‘वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग’ को स्थानांतरित किया गया है. साथ ही, विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के लिए गैरमजरूआ ‘डीम्ड फॉरेस्ट’ भूमि के निःशुल्क हस्तांतरण की शक्ति उपायुक्तों (डीसी) को सौंप दी गई है.

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प्रशासनिक और कानूनी मोर्चे पर नए बदलाव

राज्य के कानूनी तंत्र को मजबूत करने के लिए उच्च पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी दी गई है. अधिवक्ता रोहितश्य रॉय की झारखंड के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) के पद पर नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई है. इसके साथ ही, झारखंड उच्च न्यायालय के अपर महाधिवक्ता संख्या-V अच्युत केशव के पद को अपग्रेड (उत्क्रमित) करते हुए उन्हें ‘वरीय अपर महाधिवक्ता’ के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई है. भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (कैग) द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और राज्य वित्त पर तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र के पटल पर रखने की भी मंजूरी दी गई है.

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