Chaibasa: कराईकेला थाना क्षेत्र के नकटी पंचायत अंतर्गत कंसरा मंदिर परिसर में मासांत पर्व के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय छऊ नृत्य सह मेला कार्यक्रम का सोमवार को भव्य समापन हुआ. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और छऊ कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों का आनंद उठाया. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव मौजूद रहे. वहीं विधायक प्रतिनिधि मिथुन गागराई, रंजीत मंडल और सुनील लागुरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए.
पौराणिक कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों ने जीता दिल
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय छऊ कलाकारों ने लक्ष्मण-मेघनाथ युद्ध, दुर्गा महिषासुर वध सहित रामायण और अन्य पौराणिक कथाओं पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां दीं. कलाकारों की जीवंत अभिनय शैली, भाव-भंगिमाओं और पारंपरिक वेशभूषा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. छऊ नृत्य देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा पहुंचे. पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर दर्शकों से खचाखच भरा रहा.
छऊ हमारी सांस्कृतिक पहचान है : सुखराम उरांव
इस अवसर पर विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि छऊ नृत्य केवल एक कला नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान का प्रतीक है. यह हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है, जिसे संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि गांवों में आयोजित होने वाले ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं. साथ ही छऊ कलाकारों को बेहतर मंच और सम्मान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
छऊ समाज को सकारात्मक संदेश देने का माध्यम : मिथुन गागराई
विधायक प्रतिनिधि मिथुन गागराई ने कहा कि छऊ केवल नृत्य नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है. कलाकार बिना किसी संवाद के अपनी कला और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से रामायण, महाभारत और अन्य पौराणिक कथाओं को जीवंत कर देते हैं. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. कार्यक्रम में मेला समिति के अध्यक्ष सुनील लागुरी, नंदू गागराई, जितेंद्र सांडिल, जुडू चापिया, कृष्णा गागराई, मंत्री बंकिरा, यदु चंपिया, राधे गागराई, तुरी चांपिया, वीरेंद्र गागराई, पतर गागराई, गोंडो बोदरा, मंगल गागराई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.



