रांची: पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम को लेकर मचे सियासी घमासान की गूंज अब झारखंड में भी सुनाई दे रही है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जहां ममता सरकार और अधिकारियों के रवैये पर तीखे सवाल खड़े किए हैं, वहीं सत्तापक्ष (झामुमो-कांग्रेस) ने भाजपा पर संवैधानिक पदों के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा राष्ट्रपति का अपमान बर्दाश्त के काबिल नहीं

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बंगाल की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल की अनदेखी की है, वह अक्षम्य है. मरांडी ने कहा कि राष्ट्रपति किसी सरकारी कार्यक्रम में नहीं, बल्कि संथाल समाज के एक राष्ट्रीय स्तर के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं.
इसके बावजूद कार्यक्रम स्थल को अंतिम समय पर बदलवा दिया गया और प्रशासन ने लोगों को वहां पहुंचने से रोका. उन्होंने आरोप लगाया कि नियमतः राष्ट्रपति के आगमन पर मुख्यमंत्री या किसी मंत्री को उपस्थित होना चाहिए, लेकिन वहां के डीएम तक उन्हें रिसीव करने नहीं पहुंचे. यह सीधे तौर पर संवैधानिक गरिमा का अपमान है.
मरांडी ने गिरिडीह डीसी द्वारा महिलाओं के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि महिला दिवस पर महिलाओं को डांटना अधिकारियों की निरंकुशता दर्शाता है. उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे अधिकारियों पर लगाम लगाने और उन्हें सार्वजनिक रूप से दंडित करने की मांग की.
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सुदिव्य कुमार ने कहा- BJP के चश्मे से धूमिल हो रही गरिमा
झामुमो नेता और मंत्री सुदिव्य कुमार ने बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा को आईना दिखाया. सुदिव्य कुमार ने सवाल किया कि जब राम मंदिर का उद्घाटन हो रहा था या नए संसद भवन का लोकार्पण हो रहा था, तब राष्ट्रपति कहां थीं.
उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी सुविधा के अनुसार संवैधानिक पदों का उपयोग करती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का हर नागरिक राष्ट्रपति का सम्मान करता है, लेकिन जब भाजपा इन पदों को राजनीतिक चश्मे से देखती है, तो पद की गरिमा धूमिल होती है. उन्होंने चुनाव आयोग को भी निष्पक्ष भाव से काम करने की सलाह दी.
इरफान अंसारी ने कहा- बीजेपी की राजनीति का शिकार हो रही हैं राष्ट्रपति
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने इस मुद्दे पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि राष्ट्रपति को भाजपा के बहकावे में नहीं आना चाहिए था. अंसारी ने कहा कि राष्ट्रपति का अपमान नहीं हुआ है, बल्कि उन्हें बंगाल जाना ही नहीं चाहिए था.
उन्होंने कहा कि वे भाजपा की राजनीति का शिकार हो रही हैं. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि वास्तव में अपमान हुआ है, तो वह गलत है.
अंसारी ने भाजपा पर नीतीश कुमार की राजनीतिक हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने बड़े नेता को जानबूझकर राज्यसभा भेजा जा रहा है, जो बिहार और झारखंड का अपमान है.
