Ranchi: झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को उनके ऊपर लगे आरोपों से पूरी तरह मुक्त होने के बाद भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति प्रदान की है. विभागीय कार्यवाही और कानूनी मुकदमों के चलते लंबे समय से बंद लिफाफे में कैद इन अफसरों के प्रमोशन का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है.
जय बर्द्धन कुमार: चतरा खनन मामले में आरोपमुक्त, बने संयुक्त सचिव
- मामला: हंटरगंज (चतरा) के अंचल अधिकारी रहते हुए वन भूमि छुपाकर खनन पट्टे की अनुशंसा करने का आरोप था.
- बदलाव: 4 मई 2026 को आरोपों से मुक्त होने के बाद समिति ने इन्हें प्रोन्नति के योग्य पाया.
- प्रोन्नति: अपनी जूनियर अधिकारी कुमारी गीतांजली की तर्ज पर इन्हें 30.04.2026 के भूतलक्षी प्रभाव से संयुक्त सचिव (पे मैट्रिक्स लेवल 13) में वैचारिक प्रोन्नति दी गई है. इनका वर्तमान पद भी संयुक्त सचिव स्तर में उत्क्रमित कर दिया गया है.
गुलाम समदानी: राशन कार्ड गड़बड़ी मामले में क्लीन चिट
- मामला: गुमला में जिला आपूर्ति पदाधिकारी रहते हुए आदिम जनजाति श्रेणी के राशन कार्डों में लापरवाही और अपात्रों को लाभ पहुंचाने का आरोप था.
- बदलाव: 11 मई 2026 को सरकार ने इन्हें विभागीय कार्यवाही में पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया.
- प्रोन्नति: अपनी कनीय अधिकारी श्रीमती मनीषा तिर्की के समकक्ष इन्हें भी 30.04.2026 के भूतलक्षी प्रभाव से संयुक्त सचिव कोटि (लेवल 13) में प्रोन्नत कर वर्तमान पद पर पदस्थापित किया गया है.
विनोद कुमार: कोर्ट के कड़े रुख के बाद मिला हक
- मामला: हजारीबाग डीटीओ रहते हुए रिश्वत मामले (निगरानी थाना कांड 34/2014) में फंसे थे.कोर्ट से बरी और विभाग से क्लीन चिट मिलने के बावजूद ‘संपत्ति विवरणी’ न होने से दो बार इनका लिफाफा अयोग्य घोषित हुआ था.
- प्रोन्नति: हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना वाद के दबाव के बाद सरकार ने इनके कनीय अधिकारी चंद्र भूषण सिंह की तर्ज पर 11.01.2016 के भूतलक्षी प्रभाव से अपर समाहर्ता (लेवल 12) में वैचारिक प्रोन्नति को मंजूरी दी.



