Click Here
Click Here
Click Here

कर्मचारी चयन आयोग की कांस्टेबल जीडी परीक्षा में कदाचार का आरोपी मृत्युंजय के बेल पर अब 20 जून को सुनवाई

Ranchi: सिविल कोर्ट में एजेसी योगेश कुमार की अदालत में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कांस्टेबल जीडी परीक्षा में कदाचार मामले में...

Ranchi: सिविल कोर्ट में एजेसी योगेश कुमार की अदालत में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कांस्टेबल जीडी परीक्षा में कदाचार मामले में आरोपी मृत्युंजय कुमार यादव के बेल पर सुनवाई हुई. अदालत ने केस डायरी की मांग करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 20 जून निर्धारित की है. बताते चले कि पहली सुनवाई के समय से ही केस डायरी पेश करने का आदेश अदालत दे रहा है. लेकिन मामले में आइओ द्वारा केस डायरी पेश नहीं किया गया. मामले में परीक्षार्थी मृत्युंजय कुमार यादव, वीक्षक संजीत कुमार, सेंटर सुप्रीटेंडेंट विकास कुमार, सेंटर आईटी प्रभारी मुन्ना राज व अन्य के खिलाफ टाटीसिलवे थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.

क्या है मामला

मामला टाटीसिलवे थाना क्षेत्र स्थित जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परीक्षा केंद्र का है. 21 मई 2026 को यहाँ एसएसी कांस्टेबल जीडी परीक्षा चल रही थी. परीक्षा के दौरान जब सर्वर मैनेजर राजेंद्र दत्ता एक अन्य परीक्षार्थी की बाईपास प्रक्रिया पूरी कर सर्वर रूम की तरफ लौट रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि लैब नंबर- 1 के सिस्टम नंबर 102 को सुबह करीब 9:00 से 9:10 बजे के बीच अचानक रीस्टार्ट किया गया है. यह सिस्टम परीक्षार्थी मृत्युंजय कुमार यादव को आवंटित था. जब इस गड़बड़ी को लेकर एसएससी के आईओ नरेश चंद्र महतो और एफएसओ संजीत रॉय की मौजूदगी में सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया. फुटेज में साफ दिखा कि परीक्षा केंद्र के ही एक इनविजिलेटर (वीक्षक) संजीत कुमार ने जानबूझकर उस सिस्टम को रीस्टार्ट किया था. शिकायत के मुताबिक, इनविजिलेटर द्वारा जानबूझकर सिस्टम रीस्टार्ट करने के पीछे गहरी साजिश थी. आशंका जताई गई है कि ऐसा कंप्यूटर सिस्टम का रिमोट एक्सेस हासिल करने और स्क्रीन को कहीं और मिरर करने के उद्देश्य से किया गया था, ताकि बाहर बैठा कोई व्यक्ति पेपर हल कर सके.

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

Also Read: पेट्रोल छिड़क कर शराब दुकान जलाने का प्रयास, CCTV में कैद घटना

छह लाख रुपये में पास कराने का हुआ था सौदा

संदेह होने पर जब परीक्षा केंद्र के एफएसओ ने वीक्षक और परीक्षार्थी मृत्युंजय कुमार यादव से कड़ी पूछताछ की, तो परीक्षार्थी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. परीक्षार्थी ने एफएसओ के सामने लिखित बयान में स्वीकार किया कि उसने इस परीक्षा को पास करने के लिए एक अन्य व्यक्ति से 6 लाख रुपये देने की डील की थी.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *