Hazaribagh: कटकमसांडी प्रखंड के शाहपुर निवासी महेश प्रसाद ने उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर विभिन्न बैंकों से करोड़ों रुपये का ऋण लेने का गंभीर आरोप लगाया है. मामले का खुलासा तब हुआ, जब महेश प्रसाद स्वयं ऋण लेने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कटकमसांडी शाखा पहुंचे. बैंक में जांच के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम पर पहले से ही कई ऋण दर्ज हैं.
करोड़ों का ऋण
महेश प्रसाद के अनुसार, पड़ताल में पता चला कि उनके पहचान पत्रों का गलत इस्तेमाल कर विभिन्न बैंकों से 1 करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक का ऋण लिया गया है. बैंक से यह जानकारी मिलते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई. इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाना, हजारीबाग में शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
पीड़ित का दावा
पीड़ित ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि उन्होंने स्वयं किसी अन्य बैंक से कोई ऋण नहीं लिया है. महेश प्रसाद एक गरीब मजदूर किसान हैं, जो खेती-बाड़ी और दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं.
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जांच की मांग
उन्होंने पुलिस से मांग की है कि उनके आधार और पैन कार्ड के आधार पर हुए सभी संदिग्ध ऋण लेन-देन की गहन जांच कर दोषियों की पहचान की जाए. साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि के ऋण स्वीकृत करते समय संबंधित बैंक अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन और आवश्यक जांच-पड़ताल क्यों नहीं की.
बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल
महेश प्रसाद का कहना है कि सामान्य लोगों को छोटे ऋण के लिए भी कई तरह की औपचारिकताओं और नियमों का सामना करना पड़ता है, जबकि उनके नाम पर 1.70 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण स्वीकृत हो गया और बैंक अधिकारियों ने वास्तविक ऋणधारक की पहचान सुनिश्चित करना भी जरूरी नहीं समझा. इससे बैंकिंग प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
पुलिस जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पहचान पत्रों का दुरुपयोग किसने और किस प्रकार किया.



