Ranchi: टेलीग्राम पर कार्रवाई को लेकर झारखंड कांग्रेस के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने में पूरी तरह विफल रही है और अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए करोड़ों छात्रों के इस्तेमाल वाले प्लेटफॉर्म को निशाना बना रही है.
जब पेपर लीक दूसरे प्लेटफॉर्म से भी हो सकता है, तो फिर 15 करोड़ भारतीय यूजर्स को सजा क्यों दी जा रही है
दूबे ने कहा कि टेलीग्राम के CEO भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पेपर लीक दूसरे प्लेटफॉर्म से भी हो सकता है, तो फिर 15 करोड़ भारतीय यूजर्स को सजा क्यों दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस सवाल का जवाब देश के युवाओं को देना चाहिए. कांग्रेस नेता ने कहा कि लाखों छात्र टेलीग्राम के जरिए पढ़ाई, नोट्स, टेस्ट सीरीज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. ऐसे में पूरे प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई करना अपराधियों को छोड़कर छात्रों को सजा देने जैसा है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन सरकार अब तक असली माफियाओं और नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाई है. अब छात्रों और तकनीकी प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई कर केवल दिखावा किया जा रहा है.
माफियाओं को बचाकर छात्रों को परेशान करने की नीति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली
आलोक दूबे ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से पूछा कि आखिर बार-बार होने वाले पेपर लीक का जिम्मेदार कौन है. उन्होंने कहा कि प्रतिबंध लगाने से नहीं, बल्कि पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करने से समस्या का समाधान होगा. दूबे ने कहा कि देश का युवा सब देख रहा है. माफियाओं को बचाकर छात्रों को परेशान करने की नीति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली. सरकार को युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए ठोस और ईमानदार कदम उठाने होंगे.


