Palamu: जिले में 12 साल पहले 20 करोड़ रुपये की लागत से बना सिंगरा कोयल नदी पुल आज भी अधूरा पड़ा है. पुल का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन इसके दोनों छोर पर एप्रोच रोड (संपर्क सड़क) नहीं बनने के कारण यह जनता के लिए बेकार साबित हो रहा है. इसके चलते दो दर्जन गांवों के हजारों ग्रामीणों का आवागमन आज भी बाधित है.
यह पुल मेदिनीनगर सदर प्रखंड के सिंगरा और चैनपुर के चेडाबार गांव के बीच स्थित है. इसका शिलान्यास वर्ष 2014 में तत्कालीन विधायक सह पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी के कार्यकाल में हुआ था. पुल तो बनकर तैयार हो गया, लेकिन इसके बाद एप्रोच रोड बनाने को लेकर कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया. नतीजा यह है कि चैनपुर प्रखंड के पूर्वडीहा और चेडाबार सहित दो दर्जन गांवों के लोग आज भी परेशानी झेल रहे हैं.
बारिश में नरक बन जाती है जिंदगी
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में यहां की कच्ची सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है. सबसे ज्यादा परेशानी बीमारी के समय होती है. जब गांव में कोई बीमार पड़ता है, तो एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती और लोगों को लंबी दूरी तय कर मेदिनीनगर अस्पताल जाना पड़ता है. अगर इस पुल का एप्रोच रोड बन जाए, तो अस्पताल की दूरी महज 10 से 15 मिनट की रह जाएगी.
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सांसद के प्रयास से आया पैसा, मिली मंजूरी
एक दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद अब ग्रामीणों के लिए राहत की खबर है. पलामू सांसद विष्णु दयाल राम के प्रयासों से आखिरकार इस प्रोजेक्ट को रेलवे से मंजूरी मिल गई है. एप्रोच रोड के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति के साथ-साथ फंड (पैसा) भी जारी हो चुका है.
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने बताया कि यह मामला काफी समय से अटका हुआ था, जिससे जनता परेशान थी. काफी प्रयासों के बाद अब रेलवे की हरी झंडी और बजट दोनों मिल चुके हैं. आगामी 23 जून को इस एप्रोच रोड का शिलान्यास किया जाएगा, जिससे जल्द ही ग्रामीणों को इस समस्या से राहत मिलेगी.



