Hazaribagh : हजारीबाग के कॉलेज मोड़ स्थित सरकारी प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले चार सरकारी परिवार पिछले एक वर्ष से गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं. कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर जलजमाव जैसी दिखने वाली स्थिति दरअसल पास की एक निजी बहुमंजिला इमारत के सेप्टिक टैंक से रिस रहे गंदे पानी और कचरे के कारण उत्पन्न हुई है. इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है और लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है. कॉलोनीवासियों के अनुसार उन्हें घर से बाहर निकलने के लिए गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है. दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के बावजूद बदबू घरों के अंदर तक पहुंच रही है. उनका कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा लगातार बीमारी की शिकायतें सामने आ रही हैं. मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है.
गंदगी और दुर्गंध के बीच जीने को मजबूर प्रोफेसर कॉलोनी के परिवा
पीड़ित श्रवण कुमार उपाध्याय ने बताया कि अस्वच्छ वातावरण के कारण परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि लोग पढ़े-लिखे और जिम्मेदार नागरिक हैं, लेकिन लंबे समय से बनी इस समस्या के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ गई हैं. उनका आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के कारण मामले का समाधान नहीं हो पा रहा है. निवासियों का यह भी कहना है कि समस्या को लेकर नगर निगम, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गई हैं. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. कॉलोनी वासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, सरकारी भूमि से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने तथा ड्रेनेज व्यवस्था का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह स्वास्थ्य संबंधी बड़ी चुनौती का रूप ले सकती है.
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