Giridih: जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध खेती पर प्रभावी रोकथाम को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय NCORD (नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन) समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में नशीले पदार्थों के कारोबार, अफीम की अवैध खेती तथा नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

अवैध खेती और तस्करी में शामिल लोगों पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने कहा कि मादक पदार्थों की बिक्री, सेवन, तस्करी और अवैध खेती में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अफीम की खेती की सूचना मिले, वहां तत्काल फसल का विनष्टीकरण किया जाए तथा खेती में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए.
नशीली दवाओं की बिक्री पर भी रखी जाएगी नजर
बैठक में नशीली दवाओं की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई. उपायुक्त ने औषधि निरीक्षक को निर्देश दिया कि नशीली दवाओं की बिक्री का समुचित रिकॉर्ड रखा जाए तथा दवा वितरण के दौरान चिकित्सकीय पर्ची की अनिवार्य जांच की जाए. साथ ही झोला छाप चिकित्सकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा गया.
विद्यालयों और हाट-बाजारों में चलेगा जागरूकता अभियान

उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाना आवश्यक है. इसके लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने समाहरणालय, प्रखंड कार्यालयों, विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए.
नुक्कड़ नाटक और रैली से किया जाएगा जागरूक
इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हाट-बाजारों, सार्वजनिक स्थलों तथा चौक-चौराहों पर नुक्कड़ नाटक, रैली और जनसंवाद के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें इस सामाजिक बुराई से दूर रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. बैठक में पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.



