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हजारीबाग: आंखों के सामने पति ने तोड़ा दम, आकाशीय बिजली ने दो किसानों व एक सहिया की ली जान

Hazaribagh: जिले में गुरुवार को हुई तेज बारिश और वज्रपात ने तीन लोगों की जान ले ली. अलग-अलग गांवों में हुई इन...

Hazaribagh: जिले में गुरुवार को हुई तेज बारिश और वज्रपात ने तीन लोगों की जान ले ली. अलग-अलग गांवों में हुई इन दर्दनाक घटनाओं से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. वहीं पिंडरा पंचायत के रोता गांव में आकाशीय बिजली गिरने से आठ गायों समेत कई मवेशियों की भी मौत हो गई.

पत्नी के सामने किसान की मौत

बरवां गांव में किसान सुरेश प्रसाद मेहता की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे सुरेश प्रसाद अपनी पत्नी के साथ खेत में चर रहे मवेशियों को लाने गए थे. इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई और आकाशीय बिजली गिर गई. बिजली की चपेट में आने से सुरेश गंभीर रूप से झुलस गए. पति को जमीन पर गिरता देख पत्नी बिष्णुकला देवी चीख-पुकार करते हुए गांव पहुंचीं और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी. ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

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खेत में काम कर रहे किसान की गई जान

दूसरी घटना पंचायत क्षेत्र के पलांडू गांव की है, जहां किसान विष्णु महतो (50 वर्ष) खेत में काम कर रहे थे. बारिश शुरू होने के दौरान अचानक गिरी बिजली की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. किसान की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

सहिया की वज्रपात से मौत

तीसरी घटना फटरियानी गांव में हुई, जहां सहिया शांति देवी (38 वर्ष) की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई. बताया जाता है कि शांति देवी वर्षा के दौरान किसी काम से बाहर निकली थीं, तभी अचानक वज्रपात हुआ और वे उसकी चपेट में आ गईं. गंभीर रूप से झुलसने के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है. शांति देवी स्वास्थ्य विभाग से जुड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देती थीं.

रोता गांव में आठ गायों की मौत

इधर पिंडरा पंचायत के रोता गांव में वज्रपात से आठ गायों समेत कई मवेशियों की मौत हो गई. ग्रामीणों के अनुसार सभी मवेशी पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और एक साथ कई पशु उसकी चपेट में आ गए. घटना से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.

प्रशासन से मुआवजे की मांग

लगातार हुई इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता और मुआवजा देने की मांग की है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की अपील की है. वहीं मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है. एक ही दिन में तीन मौतों और मवेशियों के नुकसान ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है.

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