रांची: झारखंड में श्रीरामनवमी महापर्व की भव्यता और इसकी सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार इसे राजकीय महोत्सव घोषित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. विधानसभा सत्र के दौरान हजारीबाग विधायक प्रदीप यादव द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख:
विधायक प्रदीप यादव ने सदन में सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या सरकार रामनवमी के दौरान अखाड़ों और शोभायात्रा के मार्गों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का इरादा रखती है? इस पर सरकार ने स्वीकारात्मक उत्तर देते हुए कहा कि, प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी रामनवमी के जुलूस और शोभायात्रा के मार्गों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जाएगी. असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि पर्व के दौरान शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे.
राजकीय महोत्सव के दर्जे पर क्या कहा?
रामनवमी को राजकीय महोत्सव का दर्जा देने की मांग पर सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. सरकार की ओर से सदन को बताया गया कि, श्रीरामनवमी महापर्व को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिए जाने के संबंध में प्रस्ताव फिलहाल पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल-कूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड के पास विचाराधीन है.
