West Simbhum: चक्रधरपुर शहर के कुलीबाड़ी निवासी 9 वर्षीय नेमार लामायत खेल के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया. खेलते समय अचानक एक त्रिशूल उसकी पीठ में घुस गया, जिससे परिजनों में अफरा-तफरी मच गई.
अस्पताल में इलाज
घटना के तुरंत बाद घायल बच्चे को अनुमंडल अस्पताल, चक्रधरपुर लाया गया. अस्पताल में चिकित्सक डॉ. जे.जे. मुंडू एवं ड्रेसर मिथलेश महतो ने बिना समय गंवाए आवश्यक उपचार करते हुए सफलतापूर्वक बच्चे की पीठ से त्रिशूल को बाहर निकाला. चिकित्सकों की तत्परता और कुशलता के कारण बच्चे की जान बच गई.
परिजनों ने जताया आभार
इस दौरान समाजसेवी संतोष मुंडा भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया. घायल बच्चे के पिता प्रेम लामायत ने बताया कि यह हादसा खेलते समय हुआ. उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया.
खतरे से बाहर बच्चा
स्थानीय लोगों ने भी चिकित्सकों की संवेदनशीलता और तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि समय पर उपचार मिलने से एक बड़ी अनहोनी टल गई. वर्तमान में बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है.


