Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

सरायकेला: तिरूलडीह में अवैध बालू परिवहन का बड़ा खेल, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष ने की जांच की मांग

Seraikela: तिरूलडीह थाना क्षेत्र में नीलाम बालू की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध बालू परिवहन और सीज वाहनों को रात में...

अवैध बालू परिवहन को लेकर प्रेस वार्ता करते पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष
अवैध बालू परिवहन को लेकर प्रेस वार्ता करते पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष

Seraikela: तिरूलडीह थाना क्षेत्र में नीलाम बालू की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध बालू परिवहन और सीज वाहनों को रात में छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है. यह आरोप पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष सह ग्राम प्रधान अशोक कुमार साहू ने लगाया है. तिरुलडीह स्थित निजी आवास में प्रेस वार्ता कर अशोक साहू ने बताया कि 5 अगस्त को तिरूलडीह में तीन हाइवा बालू लोड कर आ रहे थे. ग्रामीणों की सूचना पर एक हाइवा को मौके पर पकड़ा गया. जांच में पाया गया कि गाड़ी में 600 CFT बालू लदा था, जबकि चालान सिर्फ 400 CFT का था. उन्होंने दावा किया कि चालान डुप्लीकेट था और स्कैन भी नहीं हो रहा था.

ड्राइवर ने स्थानीय मीडिया के सामने स्वीकार किया कि वह 500 CFT माल लेकर जा रहा था. सूचना मिलने पर जिला खनन पदाधिकारी (DMO) और थाना प्रभारी कार्तिक सिंह को जानकारी दी गई. थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और एक हाइवा को जब्त कर थाने ले गए.

सीज वाहन छोड़ने और ओवरलोडिंग के लगाए आरोप

अशोक साहू का आरोप है कि पीछे दो अन्य ओवरलोड हाइवा भी खड़े थे, जिनका GPS फोटो और नंबर DMO को भेजा गया था, लेकिन उन गाड़ियों को जब्त नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि रात 12 से 1 बजे के बीच जब्त हाइवा को भी थाना से छोड़ दिया गया. इसके अलावा पहले से तिरूलडीह में सीज पड़ा बालू भी नीलाम बालू के नाम पर बेच दिया गया.

अशोक साहू ने कहा कि सुवर्णरेखा नदी से ऑक्शन के नाम पर बालू की खुलेआम चोरी हो रही है. उनका आरोप है कि एक हाइवा का 400 CFT का चालान काटकर 3-4 बार माल ढुलाई की जा रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमशेदपुर के एक ठेकेदार द्वारा प्रतिदिन 5 से 7 हाइवा बालू का परिवहन किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों से जांच की मांग

अशोक साहू ने कहा कि खनन विभाग के रिकॉर्ड की जांच की जाए तो एक बार का चालान काटकर कई बार माल ढोने का मामला सामने आएगा. उन्होंने इसे पूरी तरह नाइंसाफी बताया. उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और जिला खनन पदाधिकारी को लिखित रूप से की जाएगी. जरूरत पड़ने पर वे इस मामले को केंद्र सरकार तक भी ले जाएंगे. उन्होंने मांग की कि जितना माल जब्त हुआ है, उसका पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए. साथ ही पहले से जब्त बालू का भी लेखा-जोखा सामने लाया जाए.

ALSO READ: बोकारो: सड़क दुर्घटना में मृत DVC कर्मी के परिजनों और प्रबंधन के बीच वार्ता, मांगों पर बनी सहमति

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *