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राशन माफिया और बिचौलियों पर गिरेगी गाज: अब सीधे FCI गोदामों से PDS दुकानों तक पहुंचेगा अनाज

Ranchi: जन वितरण प्रणाली (PDS) में होने वाली गड़बड़ी, देरी और कालाबाजारी को जड़ से खत्म करने के लिए झारखंड सरकार ने...

FCI गोदाम से सीधे दुकानों तक पहुंचेगा राशन
FCI गोदाम से सीधे दुकानों तक पहुंचेगा राशन

Ranchi: जन वितरण प्रणाली (PDS) में होने वाली गड़बड़ी, देरी और कालाबाजारी को जड़ से खत्म करने के लिए झारखंड सरकार ने एक बेहद आक्रामक और ठोस पहल की है. अब बिचौलियों और राशन माफियाओं के सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से सीधे जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक राशन पहुंचाया जाएगा. इसे डायरेक्ट डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के रूप में पायलट आधार पर लागू करने का फैसला लिया गया है. इस व्यवस्था को रांची, धनबाद और जमशेदपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है.

रांची में 609 दुकानें शामिल

रांची के शहरी और नगर निगम क्षेत्र की कुल 609 पीडीएस दुकानों को इस सीधे वितरण तंत्र से जोड़ा गया है, जिनकी गोदाम से अधिकतम दूरी 15 किलोमीटर है. गोदामों में मजदूरों की कमी की समस्या को दूर करने के लिए सीधे एफसीआई से पत्राचार कर तत्काल समाधान निकालने का निर्देश दिया गया है.

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धनबाद में रूट तय करने की प्रक्रिया

धनबाद नगर निगम क्षेत्र की 626 पीडीएस दुकानों के लिए रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. दिन में नो-एंट्री और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए बड़े ट्रकों के बजाय सीधे छोटे वाहनों से अनाज भेजने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हाल में तिपहिया टेंपो से राशन की डिलीवरी नहीं होगी.

जमशेदपुर में होगी चरणबद्ध शुरुआत

जमशेदपुर में लगभग 700 पीडीएस दुकानें हैं, लेकिन फिलहाल शुरुआत 84 दुकानों से की जा रही है. वर्तमान में यहां गम्हरिया डिपो से अनाज उठाव हो रहा है, लेकिन एफसीआई ने भरोसा दिया है कि अगले महीने से जमशेदपुर का मुख्य गोदाम भी पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा.

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लापरवाह एजेंटों पर कार्रवाई

सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी डोर स्टेप डिलीवरी अभिकर्ता (सप्लायर एवं ट्रांसपोर्टर) इस नई और त्वरित व्यवस्था को अपनाने में सक्षम या मुस्तैद नहीं होंगे, उन्हें तत्काल हटाकर नए सप्लायरों का चयन किया जाएगा. जिस दिन वाहन गोदाम से अनाज उठाएगा, उसी दिन पीडीएस दुकानदार को ई-पॉश (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीन के माध्यम से अनाज की डिजिटल प्राप्ति दर्ज करनी होगी. इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

जुलाई से शुरू होगा उठाव

सरकार की योजना के मुताबिक जुलाई में इस नई व्यवस्था के तहत अनाज का उठाव शुरू हो जाएगा, ताकि अगस्त 2026 का राशन सीधे उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके.

डिजिटल निगरानी होगी

सिस्टम में हेरफेर की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करने के लिए एनआईसी, रांची को तकनीकी मोर्चे पर तैनात किया गया है. अब एफसीआई के ‘अन्न दर्पण’ पोर्टल को राज्य सरकार के विभागीय पोर्टल के साथ इंटीग्रेट (जोड़ा) जा रहा है. इसके जरिए खाद्यान्न के उठाव से लेकर दुकान तक पहुंचने की हर गतिविधि की ऑनलाइन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी.

तकनीकी प्रशिक्षण भी मिलेगा

संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नई व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बन सके.

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