Ranchi: रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से रविवार को होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. यह आयोजन झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश और झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश और रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में हुआ. जेल अदालत के दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे के लिए कुल 45 बंदियों के आवेदन प्रस्तुत किए गए. मामलों की सुनवाई के बाद दो बंदियों को मौके पर ही रिहा करने का आदेश दिया गया.
नालसा और झालसा की कल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
इस मौके पर विधिक जागरूकता शिविर भी लगाया गया जहां बंदियों को नालसा और झालसा की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. इसके साथ ही बंदियों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया. रांची सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एस.बी. शर्मा और डालसा सचिव राकेश रौशन ने कहा कि बंदियों को स्वस्थ रखने और समय पर उनकी बीमारियों की पहचान कर उचित इलाज के लिए ऐसे चिकित्सीय शिविर बेहद जरूरी हैं.
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