Ranchi: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के तहत तैयार होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में पांच श्रेणियों के ‘अप्राप्य प्रगणन फॉर्म’ (Uncollectable Enumeration Forms) को शामिल नहीं किया जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया और कुछ मीडिया माध्यमों द्वारा फैलाई जा रही इस भ्रामक खबर का खंडन किया कि मौजूदा मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत के प्रत्येक पात्र नागरिक को संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत मतदान का अधिकार प्राप्त है, इसलिए किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से नहीं कटेगा.
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23 साल बाद हो रहा है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
दो चरणों की प्रक्रिया: आमतौर पर हर साल होने वाला विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) एक चरण का होता है, लेकिन झारखंड में 23 साल बाद हो रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक ‘डी-नोवो’ (शुरुआत से) और दो चरणों की प्रक्रिया है.
दसवां आयोजन: देश की आजादी के बाद से अब तक भारत में कुल 9 बार ऐसा गहन पुनरीक्षण हुआ है और यह देश में 10वां आयोजन है.
प्रगणन (Enumeration) 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक
प्रगणन (Enumeration) 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलेगी. इस दौरान बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म दिए जाएंगे, जिस पर हस्ताक्षर करके वापस देने वाले मतदाताओं का नाम सीधे प्रारूप सूची में शामिल कर लिया जाएगा. इसके लिए किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी.
5 श्रेणियों के नाम प्रारूप सूची में नहीं होंगे शामिल
बिना हस्ताक्षर के पाए गए फॉर्मों को (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) सूची में डाला जाएगा और इन्हें 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप सूची में जगह नहीं मिलेगी.
1. एक से अधिक मतदान केंद्र वाले मतदाता: जो मतदाता अनजाने में या गलती से एक से अधिक मतदान केंद्रों या विधानसभा क्षेत्रों में पंजीकृत हैं, उन्हें केवल उसी स्थान पर साइन किया हुआ फॉर्म देना होगा जहां वे वर्तमान में रहते हैं. बाकी जगहों के फॉर्म बिना हस्ताक्षर के कारण लिखकर बीएलओ को लौटाने होंगे.
2. मृत मतदाता: मृत मतदाताओं के फॉर्म परिवार के किसी वयस्क सदस्य द्वारा बिना हस्ताक्षर के ऊपर कारण लिखते हुए बीएलओ को वापस किए जाएंगे. (यदि मृत्यु प्रमाण पत्र देते हैं तो बहुत अच्छी बात होगी).
3. स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता (Permanently Shifted): रोजगार, विवाह या अन्य कारणों से दूसरे मतदान केंद्र क्षेत्र में स्थायी रूप से चले गए लोग, यदि पूरा परिवार स्थानांतरित हो गया है, तो बीएलओ फील्ड जांच के आधार पर फॉर्म पर अपनी रिपोर्ट दर्ज करेगा.
4. अनुपस्थित या लापता मतदाता: ऐसे मतदाता जिनके बारे में स्थानीय लोगों या बीएलओ को कोई जानकारी नहीं है और जो कभी संपर्क में नहीं आए.
5. फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार: इसमें दो उप-श्रेणियां हैं, पहले वे भारतीय जो विदेश जाकर वहां की नागरिकता ले चुके हैं, और दूसरे वे विदेशी जो झारखंड में कानूनी या अवैध रूप से रह रहे हैं और पूर्व में गलत घोषणा देकर मतदाता बन गए थे. चूंकि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत गलत घोषणा देना एक अपराध है. इसलिए उनसे अपेक्षा है कि वे बिना हस्ताक्षर किए फॉर्म बीएलओ को लौटा दें.
पारदर्शिता और अन्य महत्वपूर्ण तिथियां
(Absent, Shifted, Dead, Duplicate) ASDD सूची को सभी मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के कार्यालयों तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर खोजे जा सकने वाले (Searchable) प्रारूप में अपलोड किया जाएगा. मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी इसकी प्रति दी जाएगी.
मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को होगा
5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच कोई भी नागरिक मतदाता सूची में नाम जोड़ने (फॉर्म-6) या सुधार/आपत्ति (फॉर्म-8 या फॉर्म-7) के लिए आवेदन कर सकता है.
नए मतदाताओं के लिए अवसर
ऐसे सभी पात्र नागरिक जो अभी पंजीकृत नहीं हैं और 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे प्रगणन अवधि (30 जून से 29 जुलाई) या दावा-आपत्ति अवधि (5 अगस्त से 4 सितंबर) के दौरान फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं.
झारखंड से बाहर रह रहे मतदाता के लिए सुविधा
झारखंड से बाहर रह रहे मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क करने के लिए ECINET पर उपलब्ध ‘BOOK-A-CALL सुविधा का उपयोग कर सकते हैं, या घरों पर चिपकाए गए SIR स्टिकर पर दिए गए बीएलबओ के मोबाइल नंबर पर सीधे संपर्क कर अपना हस्ताक्षरित प्रगणन फॉर्म जमा कर सकते हैं.


