Ranchi: झारखंड में अपराध के आंकड़ों को संकलित करने और उन्हें पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखने वाली सबसे महत्वपूर्ण इकाई स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) खुद ‘लापरवाही के मर्ज’ से जूझ रही है. चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले आठ महीनों से एससीआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपराध का एक भी आंकड़ा अपडेट नहीं किया गया है. जिस विभाग में डीआईजी और एसपी रैंक के आला अधिकारी तैनात हों, वहां इस तरह की सुस्ती पूरे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
अक्टूबर 2025 के बाद से आंकड़े पूरी तरह गायब
झारखंड पुलिस की ऑफिशियल एससीआरबी वेबसाइट को खंगालने पर एक हैरान करने वाली हकीकत सामने आती है. वेबसाइट पर मासिक अपराध डेटा अक्टूबर 2025 के बाद से अपडेट ही नहीं हुआ है. नवंबर 2025 से लेकर जून 2026 तक राज्य में कितने मर्डर, रेप, लूट, डकैती और साइबर क्राइम हुए? महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों का ग्राफ क्या रहा? पुलिस ने इन मामलों में क्या कार्रवाई की? इन तमाम सवालों का कोई भी आधिकारिक और सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. यह स्थिति या तो विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाती है.

ALSO READ: राजधानी रांची की बढ़ी रफ्तार: कहीं फाइलों पर अटकी योजनाएं, सड़कों पर 2130 करोड़ से अधिक खर्च


