Ranchi: झारखंड की राजधानी और इसके आस-पास के जिलों में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे का जाल बिछाया जा रहा है. मई 2026 तक की प्रगति रिपोर्ट बताती है कि जहां कुछ प्रमुख परियोजनाएं समय पर पूरी होकर जनता को समर्पित की जा चुकी हैं, वहीं कई महत्वाकांक्षी योजनाएं अब भी निर्माण के विभिन्न चरणों (प्रक्रियाधीन) में हैं.
सड़कों का जाल: रफ्तार और हकीकत
रांची सर्कल (जिसमें रांची, रांची ग्रामीण, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जैसे डिवीजन शामिल हैं) में राज्य योजना के तहत सड़कों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण के काम बड़े पैमाने पर जारी हैं.

पूरी हो चुकी सड़कों की स्थिति
प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, कई महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है. रांची डिवीजन में ही करीब 16.81 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह बनकर तैयार हैं. इनमें सबसे प्रमुख ‘इटकी पावर हाउस से दरहातार सड़क’ (5.02 किलोमीटर) और ‘बरियातू रोड से जिमखाना क्लब’ (1.00 किलोमीटर) जैसी सड़कें शामिल हैं, जो 100% भौतिक प्रगति हासिल कर चुकी हैं. इसके अलावा रांची ग्रामीण (10 किलोमीटर) और गुमला (11 किलोमीटर) में भी सड़कें पूरी की जा चुकी हैं.
प्रक्रियाधीन सड़कों का सफर
रांची सर्कल के भीतर एक बड़ा हिस्सा अब भी निर्माण के अधीन है. केवल रांची डिवीजन में ही 150.63 किलोमीटर लंबी सड़कों पर काम चल रहा है. इसमें ‘नेवारी विकास विद्यालय से नामकुम आरओबी’ तक 15.21 किलोमीटर की फोर-लेन सड़क (82% कार्य पूर्ण) और ‘बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से रिंग रोड’ तक 6.95 किलोमीटर की सड़क (35% कार्य पूर्ण) शामिल हैं. सिमडेगा डिवीजन में सबसे ज्यादा 174.96 किलोमीटर सड़कों पर काम प्रक्रियाधीन है, जबकि खूंटी में 68.31 किमी और लोहरदगा में 55.83 किमी सड़कों का सुदृढ़ीकरण चल रहा है.
तिजोरी से अब तक कितना पैसा हुआ खर्च
• रांची डिवीजन (सड़कें): चालू कार्यों पर अब तक 842.24 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. वहीं, जो सड़कें पूरी हो चुकी हैं, उन पर 583.11 करोड़ रुपये की भारी राशि व्यय हुई है.
• खूंटी डिवीजन: यहां प्रक्रियाधीन सड़कों पर अब तक 127.12 करोड़ रुपये का वित्तीय निवेश किया जा चुका है.
• लोहरदगा डिवीजन: जारी सड़क परियोजनाओं पर अब तक 56.95 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
• सिमडेगा डिवीजन: इस क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों पर 106.90 करोड़ रुपये और पूरी हो चुकी सड़कों पर 25.22 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
• रांची ग्रामीण डिवीजन: चालू सड़क परियोजनाओं पर अब तक 167.74 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है.
फ्लाइओवर और पुल
• सिरमटोली-राजेंद्र चौक-मेकॉन फ्लाइओवर: रांची शहर के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ 2.34 किलोमीटर लंबा यह 4-लेन फ्लाइओवर सह आरओबी पूरी तरह तैयार (100% कंप्लीट) हो चुका है. इस परियोजना पर अकेले 444.08 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
• बहू बाजार से पटेल चौक फ्लाइओवर: सिरमटोली फ्लाइओवर को जोड़ने वाला यह 1.25 किलोमीटर लंबा फ्लाइओवर फिलहाल प्रक्रियाधीन है. इसका करीब 39% भौतिक कार्य पूरा हो चुका है और इस पर अब तक 85.86 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं.
• ग्रामीण क्षेत्रों में पुलों की स्थिति: रांची ग्रामीण डिवीजन में कांची नदी पर 204.6 मीटर लंबा हाई लेवल पुल (12.50 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति) 100% पूरा हो चुका है, जिस पर 14.64 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. वहीं खूंटी में छाता नदी पर पुल का काम 95% पूरा हो चुका है, जहां 9.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
नॉन-प्लान और केंद्रीय सड़क कोष की स्थिति
• नॉन-प्लान कार्य: गुमला और लोहरदगा जैसे जिलों में क्रैश बैरियर लगाने, रेलिंग मरम्मत और सामान्य सड़क मरम्मत (नॉन-प्लान) के तहत लगभग 3.40 करोड़ रुपये (गुमला) और 1.12 करोड़ रुपये (लोहरदगा) खर्च कर सुरक्षा मानकों को सुधारा गया है.
• केंद्रीय सड़क कोष के तहत चल रहे काम: सेंट्रल रोड फंड के तहत भी अंतर-जिला सड़कों का कायाकल्प किया जा रहा है. जैसे गढ़वा डिवीजन में ‘नगरउंटारी-धुरकी सड़क’ (24.94 किलोमीटर) का काम 90% तक पूरा हो चुका है और इस पर 78.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इसी तरह डाल्टनगंज डिवीजन में भुजानिया-मोहम्मदगंज रोड और कुटी मोड़-हुतार रोड पर क्रमशः 55.63 करोड़ रुपये और 23.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.


