Ranchi: झारखंड सरकार ने स्कूली शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों शिक्षक-कर्मियों और शैक्षणिक संसाधन कर्मियों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है. राज्य सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, बीआरपी-सीआरपी, रिसोर्स टीचर और अन्य संबद्ध कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का फैसला किया है. इसके तहत राज्य के कुल 8,525 शिक्षक-कर्मियों का 5-5 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया जाएगा.
LIC के माध्यम से लागू होगी बीमा योजना
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से इस योजना को एलआईसी के माध्यम से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षक-कर्मियों और संसाधन कर्मियों की सहमति प्राप्त कर 25 जून तक प्रस्ताव उपलब्ध कराएं, ताकि बीमा पॉलिसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके.

हर महीने 500 रुपये का होगा अंशदान
इस योजना के तहत प्रत्येक लाभुक के वेतन अथवा मानदेय से हर महीने 500 रुपये की कटौती की जाएगी. बीमा प्रीमियम का भुगतान मासिक, छमाही या वार्षिक आधार पर किया जा सकेगा. सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी.
सेवानिवृत्ति पर ब्याज सहित वापस मिलेगी जमा राशि
योजना के प्रावधानों के मुताबिक, यदि किसी शिक्षक या कर्मी की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रित परिवार को 5 लाख रुपये की एकमुश्त बीमा राशि दी जाएगी. वहीं, सामान्य स्थिति में सेवा अवधि पूरी होने या सेवानिवृत्ति के बाद कर्मी को उसके अंशदान की राशि ब्याज सहित वापस मिलेगी. जानकारी के अनुसार जमा राशि पर 7.50 प्रतिशत ब्याज का लाभ भी प्रस्तावित है.
8 हजार से अधिक शिक्षक-कर्मी होंगे लाभान्वित
इस बीमा योजना का लाभ राज्य के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों और 57 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में कार्यरत 5,075 शिक्षक एवं कर्मियों को मिलेगा. इसके अलावा 2,950 बीआरपी और सीआरपी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय के 280 शिक्षक-कर्मी तथा 220 रिसोर्स टीचर भी योजना के दायरे में शामिल किए गए हैं.


