Ranchi: झारखंड उच्च न्यायालय ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया (विज्ञापन संख्या 02/2025) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से जवाब तलब किया है. मामला उन अभ्यर्थियों से संबंधित है, जो परीक्षा के बाद आयोग की वेबसाइट पर लॉगिन करने पर अपनी उत्तर कुंजी, रिस्पॉन्स शीट एवं रिस्पॉन्स नहीं देख पाए और उनके पोर्टल पर लगातार “User Does Not Exist” का संदेश प्रदर्शित हो रहा था, याचिकाकर्ता विकाश कुमार पांडेय एवं अन्य की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर कुंजी एवं रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं कराई गई. इसके कारण वे निर्धारित अवधि के भीतर उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने के अपने वैधानिक अधिकार से वंचित रह गए. याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि बाद में उन्हें दस्तावेज सत्यापन के लिए भी आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे उनकी उम्मीदवारी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है.
दस्तावेज सत्यापन से भी वंचित रहने का दावा
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश दीपक रोशन ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिया कि वह मामले में स्पष्ट निर्देश प्राप्त कर अगली तिथि पर न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो, न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को निर्धारित की है आगामी सुनवाई में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के जवाब पर इस मामले की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी.

आयोग के जवाब पर टिकी निगाहें
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि तकनीकी त्रुटियों के कारण उन्हें चयन प्रक्रिया में समान अवसर प्राप्त नहीं हुआ, उनका कहना है कि यदि उत्तर कुंजी एवं रिस्पॉन्स शीट समय पर उपलब्ध कराई जाती, तो वे उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कर अपने हितों की रक्षा कर सकते थे.


