– RSS दफ्तर हमले के तीनों खतरनाक आरोपियों से पूछताछ के लिए तैनात थे SIRB-2 के जवान, सुरक्षा घेरा तोड़ भागा था
Ranchi: निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने वाले आतंकी संगठन टीटीएच (टीएचएच) के शातिर और खतरनाक आरोपी सैफ अंसारी के कोतवाली थाना परिसर की पुलिस अभिरक्षा (हाजत) से भागने की पूरी कहानी सामने आ गई है. घटना को लेकर तत्कालीन ओडी ड्यूटी प्रभारी एएसआई राजीव कुमार के लिखित आवेदन पर कोतवाली थाने में बीएनएस की धारा 262/324(4) के तहत एक नई प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस आवेदन से यह साफ हो गया है कि आरोपी सैफ अंसारी ने कितनी चालाकी और दुस्साहस के साथ रांची पुलिस और सुरक्षा में तैनात जवानों को चकमा देकर थाने की खिड़की तोड़ी और फरार हो गया.
थाना प्रभारी के कक्ष में एनआईए कर रही थी पूछताछ:
दर्ज मामले के अनुसार, 18 जून को एएसआई राजीव कुमार सुबह 08.00 बजे से दोपहर 14.00 बजे तक कोतवाली थाने में प्रथम ओडी ड्यूटी पर तैनात थे. चुटिया थाना कांड संख्या-85/2026 (विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए एक्ट जैसी गंभीर धाराओं) में गिरफ्तार तीन शातिर आरोपियों— सैफ अंसारी, अमन अंसारी और शईम सुजान को वरीय पदाधिकारियों के आदेश पर संयुक्त टीम द्वारा पूछताछ के लिए कोतवाली थाना हाजत में रखा गया था. इनकी सुरक्षा और कड़े पहरे के लिए रांची पुलिस केंद्र से SIRB-2 के दो जवान (आरक्षी-389 एलिसा मालटो एवं आरक्षी-127 राजदेव देवार) तैनात थे. सुबह करीब 11:00 बजे आरोपी सैफ अंसारी को हाजत से निकाल कर कोतवाली थाना प्रभारी के कक्ष में एनआईए की टीम द्वारा पूछताछ की जा रही थी.

शौचालय का बहाना और 5 मिनट में खेल खत्म:
एनआईए की पूछताछ खत्म होने के बाद एसआईआरबी-2 की महिला आरक्षी एलिसा मालटो जब सैफ अंसारी को वापस हाजत में बंद करने ले जा रही थीं, तभी सैफ ने कहा कि उसे शौचालय जाना है. आरक्षी उसे कोतवाली थाना परिसर के ही शौचालय में ले गईं. जब सैफ को अंदर गए कुछ देर हो गई और महिला जवान को संदेह हुआ, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया. अंदर से कोई आवाज न आने और कुंडी अंदर से बंद होने पर महिला आरक्षी ने तुरंत शोर मचाया.
दरवाजा तोड़ा तो उखड़ा मिला खिड़की का लोहा:
शोर सुनकर ओडी प्रभारी राजीव कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी दौड़कर शौचालय के पास पहुंचे. जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो पुलिसकर्मियों ने दरवाजे पर जोरदार धक्का देकर उसे तोड़ा. अंदर का नजारा देखकर पुलिस महकमे के होश उड़ गए. आरोपी सैफ अंसारी अंदर मौजूद नहीं था और शौचालय की खिड़की में लगा लोहे का मजबूत ग्रिल (रड़) पूरी तरह उखाड़ा हुआ था. शातिर अपराधी उसी खिड़की के रास्ते बाहर कूदकर फरार हो चुका था.
जेल जाने के डर से बनाई थी फरारी की योजना:
आरोपी सैफ अंसारी देशविरोधी और यूएपीए एक्ट जैसे बेहद गंभीर मामलों में जेल जाने के डर से पूरी योजना के तहत थाना परिसर से भागा था. घटना के तुरंत बाद कोतवाली थाना प्रभारी के निर्देश पर गश्ती दल और सभी पुलिसकर्मियों ने आसपास के इलाकों में घंटों सघन तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन तब उसका कुछ पता नहीं चल सका था. बाद में उसे चान्हो थाना की पुलिस के मदद से गिरफ्तार किया गया था.


