दुमका: झारखंड की उपराजधानी दुमका में आज यात्रियों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. शहर के अटल बिहारी वाजपेयी बस पड़ाव से बसों का परिचालन पूरी तरह ठप कर दिया गया है. संथाल परगना मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह पर हुए जानलेवा हमले के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिसके विरोध में बस मालिकों और कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है.

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क्या है पूरा मामला?
बीती 24 फरवरी को संथाल परगना मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह पर उस समय हमला हुआ था, जब बाइक सवार दो अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी. इस हमले में अरुण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. गनीमत रही कि वह अब स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं, लेकिन इस घटना ने बस कर्मियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है.
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हो रहे सवाल
आंदोलनकारियों का आरोप है कि घटना के दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है. बस कर्मियों का कहना है कि वे लगातार पुलिस पर दबाव बना रहे थे, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा.
