Ranchi: झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र से दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) 2020 के तहत एक बड़ा फैसला लिया है. अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों, उनके अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों में नामांकन के लिए अपार आईडी को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है. विभाग द्वारा जारी अधिसूचना (पत्रांक 295) के अनुसार, चांसलर पोर्टल के माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले सभी नए विद्यार्थियों को फॉर्म भरते समय अपनी सत्यापित अपार आईडी देनी होगी. इसके सफल प्रमाणीकरण के बिना आवेदन प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी.
क्यों जरूरी है अपार आईडी
यह नियम विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन को आसान बनाने के लिए लागू किया गया है. इसके जरिए छात्र अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स, ‘राष्ट्रीय अकादमिक डिपॉजिटरी’ , क्रेडिट ट्रांसफर और पढ़ाई के बीच में छोड़ने व दोबारा शुरू करने (मल्टीपल एंट्री-एग्जिट) जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे.विभाग ने सभी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को सचेत किया है कि वे आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अपनी अपार आईडी बनवाना और उसका वेरिफिकेशन (सत्यापन) कराना सुनिश्चित कर लें. आईडी न होने या सत्यापित न होने पर भविष्य में डिजिटल सर्टिफिकेट मिलने और क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधाओं में गंभीर कठिनाई हो सकती है.

Read Also: अतिक्रमण, अवैध भू-हस्तांतरण और भयादोहन के आरोपों से घिरे थे SDO साहब, अब मिली क्लीन चिट


