Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने देश में बढ़ते पेपर लीक, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. मंगलवार को कांग्रेस भवन, रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने कहा कि लगातार हो रही परीक्षाओं में गड़बड़ियों से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच देश में करीब 89 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिसके चलते 48 बार परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ीं. उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 15 राज्यों में 41 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे करीब 1.4 करोड़ अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी से करोड़ों छात्र प्रभावित
कांग्रेस नेता ने कहा कि हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं. नीट यूजी 2026 में करीब 24 लाख छात्र प्रभावित हुए, जबकि यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा रद्द होने से 48 लाख अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा. सीटेट 2021 और यूजीसी नेट 2024 में भी लाखों छात्रों को परीक्षा रद्द होने के कारण दोबारा परीक्षा देनी पड़ी.
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कड़े कानून के बावजूद नहीं रुक रही धांधली
उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कानून बनाया है, जिसमें दोषियों के लिए जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है. इसके बावजूद कई राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे साफ है कि कानून का प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है.
सरकारी विभागों में लाखों पद अब भी खाली
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में भर्ती की रफ्तार बेहद धीमी है, जबकि हर साल करोड़ों युवा रोजगार की उम्मीद में तैयारी कर रहे हैं.
शिक्षित युवाओं में बढ़ रही बेरोजगारी
प्रवक्ताओं ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा परेशानी पढ़े-लिखे युवाओं को झेलनी पड़ रही है. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद बड़ी संख्या में युवा रोजगार से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है.
छात्र आत्महत्याओं पर जताई चिंता
कांग्रेस नेताओं ने छात्रों में बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर भी चिंता जताई. उनका कहना था कि परीक्षा व्यवस्था की अनिश्चितता, रोजगार की कमी और बढ़ते दबाव के कारण बड़ी संख्या में छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
प्रदेश कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए. साथ ही शिक्षा बजट में बढ़ोतरी कर छात्रों और युवाओं के हित में बेहतर नीतियां बनाने की मांग की गई.


