Hazaraibagh: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में मंगलवार को दवा के दुरुपयोग एवं नशा निषेध जागरूकता अभियान के दूसरे चरण का विधिवत शुभारंभ किया गया. विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित विनोदिनी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और अधिकारियों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया.
विद्यार्थियों की सफलता ही हमारी सफलता : कुलपति
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि नशे से दूर रहने का निर्णय विद्यार्थियों को स्वयं लेना होगा. उन्होंने कहा, “यदि आप सही निर्णय लेते हैं तो निश्चित रूप से सफल होंगे. विद्यार्थियों की सफलता में हम सबकी सफलता निहित है.” उन्होंने छात्रों से स्वस्थ, अनुशासित और सक्रिय जीवन अपनाने की अपील करते हुए कहा कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें, बल्कि अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को भी नशामुक्त बनाने में योगदान दें.

जागरूकता फ्लेक्स बोर्ड का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान नशा निषेध अभियान के नोडल विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने कुलपति का स्वागत किया. इसके बाद झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए जागरूकता साहित्य पर आधारित तीन विशेष फ्लेक्स बोर्डों का लोकार्पण किया गया. इन फ्लेक्स बोर्डों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और उससे होने वाले सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी दी गई.
हजारों लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के अंत में राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. अशोक राम ने उपस्थित सभी लोगों को नशा निषेध की शपथ दिलाई. अधिकारियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया.
तेज धूप में भी दिखा उत्साह
दोपहर की तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक कार्यक्रम में शामिल हुए. सभी ने पूरे उत्साह और एकजुटता के साथ अभियान को सफल बनाने की प्रतिबद्धता जताई. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नशा निषेध जागरूकता अभियान का दूसरा चरण एक वर्ष तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिसके जरिए युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा.
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