Ranchi: झारखंड में अंग और टिशू ट्रांसप्लांट की दिशा में अहम फैसला लिया गया. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई एडवाइजरी कमेटी की बैठक में राज्य के पांच अस्पतालों के पंजीकरण प्रस्तावों पर विचार किया गया. इसके बाद तीन अस्पतालों को पांच साल के लिए पंजीकरण देने का निर्णय लिया गया. बैठक में टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर, IRIS सुपर स्पेशलिटी आई केयर सेंटर, रांची, एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जमशेदपुर, लोकनायक जयप्रकाश नारायण आई हॉस्पिटल और कोडरमा रोटरी चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रस्तावों पर चर्चा हुई. सभी प्रस्तावों की तकनीकी, कानूनी और चिकित्सा मानकों के आधार पर समीक्षा की गई.
टाटा मेन हॉस्पिटल और IRIS सुपर स्पेशलिटी आई केयर सेंटर को मंजूरी
समिति ने टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर और IRIS सुपर स्पेशलिटी आई केयर सेंटर, रांची को कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए पंजीकरण देने की मंजूरी दी. वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जमशेदपुर को कॉर्निया ट्रांसप्लांट के साथ आई बैंक की स्थापना और संचालन के लिए भी पांच वर्षों का पंजीकरण दिया गया. वहीं, लोकनायक जयप्रकाश नारायण आई हॉस्पिटल और कोडरमा रोटरी चैरिटेबल ट्रस्ट को फिलहाल पंजीकरण नहीं दिया गया. समिति ने पाया कि इन दोनों संस्थानों में प्रशिक्षित मानव संसाधन और जरूरी मशीन-उपकरण मानकों के अनुरूप उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इनके प्रस्ताव खारिज कर दिए गए.

मानकों के पालन की विस्तार से समीक्षा
बैठक में अस्पतालों द्वारा दिए गए दस्तावेज, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपलब्धता तथा अधिनियम के तहत तय मानकों के पालन की विस्तार से समीक्षा की गई. इस दौरान अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में अंग और ऊतक प्रत्यारोपण सेवाओं का विस्तार गुणवत्ता, पारदर्शिता और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि मरीजों को झारखंड में ही बेहतर और समय पर इलाज मिल सके.
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