Palamu: कारगिल शहीद स्मारक पार्क, पोलपोल में मंगलवार को कारगिल युद्ध के अमर शहीद युगम्बर दीक्षित की शहादत दिवस श्रद्धापूर्वक मनाई गई. कार्यक्रम की शुरुआत शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई. इस दौरान “भारत माता की जय” और “कारगिल शहीद अमर रहें” के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा. कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन पूर्व सैनिक बृजेश कुमार शुक्ला ने किया. उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध भारत के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है, जिसमें देश के अनेक वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. उन्हीं अमर शहीदों में पलामू के लाल युगम्बर दीक्षित का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है.
टाइगर हिल पर दिया था सर्वोच्च बलिदान
बृजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि 23 जून 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल क्षेत्र में दुश्मनों से मुकाबला करते हुए युगम्बर दीक्षित वीरगति को प्राप्त हुए थे. उनकी शहादत ने पूरे पलामू जिले सहित देश को गौरवान्वित किया. उन्होंने कहा कि जब शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके गांव पहुंचा था, तब पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी. हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी थी.

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं शहीद
वक्ताओं ने कहा कि युगम्बर दीक्षित का बलिदान आज भी युवाओं को देशभक्ति, साहस और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है. राष्ट्र की रक्षा से बढ़कर कोई कर्तव्य नहीं है और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की सीख देता रहेगा. कार्यक्रम में पूर्व सैनिक बृजेश कुमार शुक्ला, आशुतोष कुमार तिवारी, श्रीमती संजू शुक्ला, राकेश शर्मा, ओम श्रीवास्तव, निरंजन प्रसाद सहित सर्वेश्वरी मंगलम विद्या मंदिर के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.
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