Giridih: निषिद्ध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को गिरिडीह प्रखंड की बरमोरिया पंचायत सचिवालय में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भाग लेकर नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार तथा उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार अतिथियों का टोपी और माला पहनाकर स्वागत किया. कार्यक्रम में नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कोषागार पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
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नशा परिवार और समाज दोनों को करता है बर्बाद : उपायुक्त
रात्रि चौपाल को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज की खुशहाली को भी छीन लेता है. उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर देती है, जिसके कारण पारिवारिक कलह, सामाजिक तनाव, हिंसा और अपराध जैसी घटनाएं बढ़ती हैं. उपायुक्त ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए गांव-गांव में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया.
स्थानीय भाषा में संवाद ने जीता ग्रामीणों का दिल
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने स्थानीय भाषा में ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया. सरल और सहज शब्दों में उन्होंने नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी तथा लोगों को नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया. स्थानीय बोली में हुई बातचीत से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने अभियान में सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिलाया.

अवैध कारोबार की सूचना प्रशासन को दें : एसपी
पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि नशा आज समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है. उन्होंने कहा कि प्रशासन अकेले इस समस्या का समाधान नहीं कर सकता, इसके लिए आम लोगों की भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार या सेवन हो रहा हो तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दें, ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके.
खोरठा भाषा में जागरूकता का संदेश
उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने खोरठा भाषा में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को संबोधित करते हुए नशा मुक्ति अभियान की आवश्यकता और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से कमजोर बनाती है तथा परिवार की खुशहाली और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती है. उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों की ओर ध्यान देने की अपील की तथा कहा कि एक जागरूक नागरिक के रूप में सभी की जिम्मेदारी है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें.

नशा मुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
रात्रि चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का सामूहिक संकल्प लिया. कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता से ही संभव है. नशा मुक्त झारखंड के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन का यह अभियान लगातार गांव-गांव तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और समाज को नशे जैसी बुराई से मुक्त करने की दिशा में सकारात्मक माहौल बन रहा है.


