Chaibasa: झींकपानी स्थित चाईबासा सीमेंट वर्क्स (एसीसी) का मंगलवार को जिला प्रशासन की टीम ने निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रबंधन, श्रमिकों एवं रैयतों से अलग-अलग बातचीत कर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.
निरीक्षण दल में एडीसी किष्टो कुमार बेसरा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, जिला खनन पदाधिकारी, झींकपानी प्रखंड विकास पदाधिकारी सीमा आइंद तथा अंचलाधिकारी नितेश रोशन खालखो शामिल थे.
एसीसी झींकपानी प्लांट में 1 मई से उत्पादन पूरी तरह ठप
गौरतलब है, कि एसीसी झींकपानी प्लांट में 1 मई से उत्पादन पूरी तरह ठप है और प्लांट शटडाउन की स्थिति में है. वहीं प्रबंधन द्वारा 15 जून को जारी नोटिस में 16 अगस्त 2026 से कारखाने को पूर्ण रूप से बंद करने की घोषणा की गई है. इस निर्णय से श्रमिकों, स्थानीय निवासियों एवं रैयतों के बीच भविष्य को लेकर चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. कारखाने की संभावित बंदी को रोकने के लिए श्रमिकों ने मोर्चा खोल दिया है. उनका कहना है कि प्रबंधन द्वारा बंदी के लिए बताए गए कारण उचित नहीं हैं और प्लांट को पुनः सुचारू रूप से संचालित किया जा सकता है. इस संबंध में श्रमिकों ने केंद्रीय मुख्य उप श्रमायुक्त, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री तथा उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है.

साथ ही श्रमिकों, क्षेत्रीय जनता एवं रैयतों ने त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित कर समाधान निकालने तथा कारखाने को बंद होने से बचाने की मांग उठाई है. प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के बाद लंबे समय से निराश श्रमिकों और स्थानीय लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है. लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन की पहल से कारखाने की बंदी पर सकारात्मक समाधान निकल सकता है.
यह भी पढ़ें: चाईबासा: तांतनगर में वृद्ध पर चाकू से हमला, गंभीर रूप से घायल


