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2026-27 के लिए आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 220 करोड़ रुपये मंजूर
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61.50 लाख परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ
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पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर
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NFSA और हरा राशन कार्डधारी परिवारों को भी योजना में शामिल किया गया
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योजना का संचालन झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी, नामकुम के जरिए होगा
Ranchi: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य योजना के तहत आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना) के संचालन के लिए 220 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति दे दी है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है. इस राशि से राज्य के करीब 61.50 लाख लाभुक परिवारों को योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा. इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) तथा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आने वाले परिवारों को भी शामिल किया गया है. योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ मिलेगा. इसमें 1 लाख रुपये बीमा दायित्व और 4 लाख रुपये ट्रस्ट दायित्व के रूप में वहन किया जाएगा.

प्रीमियम राशि का 60 प्रतिशत केंद्र तथा 40 प्रतिशत राज्य द्वारा वहन
वर्तमान में सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना 2011 (SECC-2011) के आधार पर राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 28,05,753 परिवार योजना से लाभुक हैं, जिनकी प्रीमियम राशि का 60 प्रतिशत केंद्र तथा 40 प्रतिशत राज्य द्वारा वहन किया जाता है. इसके अतिरिक्त, NFSA के तहत आच्छादित 30,44,247 परिवार तथा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 3 लाख हरा राशन कार्डधारी परिवारों को भी योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वीकृत 220 करोड़ रुपये में से 200 करोड़ रुपये शहरी स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत और 20 करोड़ रुपये जनजातीय क्षेत्र उपयोजना मद में खर्च किए जाएंगे. राशि की निकासी और व्ययन पदाधिकारी निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं, झारखंड होंगे, जबकि योजना का क्रियान्वयन झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी, नामकुम के माध्यम से किया जाएगा. विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि योजना के सफल संचालन, वित्तीय अनुश्रवण, उपयोगिता प्रमाण-पत्र और मासिक प्रगति प्रतिवेदन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी. प्रस्ताव को विभागीय मंत्री की स्वीकृति तथा आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति भी प्राप्त है.


