Click Here
Click Here
Click Here

हजारीबाग में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बवाल, प्रशासन और रैयत आमने-सामने

Hazaribagh: शहर के नीलांबर-पीतांबर चौक स्थित सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को मंगलवार को भारी विरोध का सामना करना...

Hazaribagh: शहर के नीलांबर-पीतांबर चौक स्थित सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को मंगलवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. स्थानीय दुकानदारों, रैयतों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई. बढ़ते विवाद को देखते हुए सदर विधायक ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई. हालांकि प्रशासन ने दुकानदारों को कल सुबह तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है. पूरा विवाद खाता संख्या 96 और प्लॉट संख्या 301, 302, 304 एवं 305 की कुल 1 एकड़ 20 डिसमिल जमीन को लेकर है. जमीन के लगभग 80 डिसमिल हिस्से पर रैयतों और लीजधारकों के बीच दावा-प्रतिदावा जारी है.

रैयतों का दावा: पूर्वजों की खतियानी जमीन

रैयत पक्ष का कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों के नाम दर्ज खतियानी रैयती भूमि है. उनका दावा है कि पूर्व में न्यायालय और राजस्व बोर्ड के स्तर पर उन्हें जमीन का हिस्सा वापस मिल चुका है और शेष भूमि भी रैयती श्रेणी में दर्ज है. दूसरी ओर लीजधारकों का कहना है कि वर्ष 1948 में संबंधित जमीन विधिवत सरेंडर की जा चुकी थी और अब यह खास महाल भूमि है. उनके अनुसार इस संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं और भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है.

कोर्ट की रिपोर्ट और रिकॉर्ड पर सवाल

रैयत पक्ष ने प्रशासन पर विरोधाभासी रिपोर्ट पेश करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पूर्व में तैयार रिपोर्टों में जमीन को रैयती बताया गया था. वहीं लीजधारकों का दावा है कि विभिन्न न्यायिक और प्रशासनिक स्तरों पर जमीन को खास महाल माना जा चुका है. सदर अंचल अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी न्यायालय ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी है. उन्होंने कहा कि अतिक्रमणकारियों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जमीन खाली नहीं की गई. प्रशासन ने सभी कब्जाधारियों को कल सुबह तक स्वयं जमीन खाली करने का निर्देश दिया है.

विधायक के हस्तक्षेप से फिलहाल रुकी कार्रवाई

स्थिति बिगड़ती देख सदर विधायक मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों की बातें सुनीं. मामला उपायुक्त न्यायालय में लंबित होने के कारण तत्काल कार्रवाई रोक दी गई. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो पुलिस बल की मौजूदगी में वैधानिक कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा. फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

ALSO READ : हजारीबाग: छड़वा मैदान में 8वीं मोहर्रम पर उमड़ा जनसैलाब, इस्लामी परचमों से गूंजा इलाका

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *