Ranchi : झारखंड में हुए ट्रेजरी घोटाले की बात सबसे पहले बोकारो जिले से ही निकल सामने आयी थी. सरकार की तरफ से जांच के लिए एसआईटी और एक जांच समिति बनायी गयी थी. जांच समिति का दायरा पहले सिर्फ बोकारो और हजारीबाग था. लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाते हुए रांची, रामगढ़, देवघर और चाईबासा भी कर दिया गया. पुख्ता सूत्रों की मानें तो बोकारो से शुरू हुई जांच अपने आखिरी चरण में है. बताया जा रहा है कि डाटा एनालाइसिस का काम जल्द ही खत्म होने वाला है. इसके बाद रिपोर्ट वित्त विभाग को सौंप दिया जाएगा.
बोकारो की जांच बनेगी दूसरे जिलों का आधार
शुरुआत में समिति को जांच में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. दरअसल, ट्रेजरी घोटाले की जांच शुरू करने के बाद एक ही जिला से इतने बिल जमा होने लगे कि जांच काफी जटिल हो गयी. उसके बाद एजी कार्यालय से भी मदद ली जाने लगी. एजी कार्यालय में भी बिल का भरमार है. ऐसे में जांच के लिए कई तरह के तरीके अपनाये गए. अब जाकर जांच समिति एक ठोस स्थिति तक पहुंची है कि जांच की दिशा क्या होनी चाहिए. देखा यह भी जा रहा है कि जितने कागजात शुरुआत में मंगाए गए थे. उतने कागजातों की जरूरत भी नहीं है. ऐसे में जांच अब जल्द ही पूरा होने की बात हो रही है. बोकारो की जांच के आधार पर ही दूसरे जिलों की जांच होगी. जिससे समय की बचत होगी और आरोपियों का पर्दाफाश जल्द होगा.

दूसरे जिलों से मांगे गए हैं कागजात
बोकारो में हुए घोटाले की जांच के साथ-साथ दूसरे जिलों की जांच भी चल रही है. जांच समिति ने इन सभी जिलों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज की मांग की है. समिति ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों से वहां के संबंधित विभाग में स्वीकृत और कार्यरत बल, बजट एवं आवंटन संचिका, जिला बल पंजी, मास्टर रोल पंजी, वेतन ज्ञापन, विपत्र पंजी, स्थापना मद से संबंधित दस्तावेज, डीडीओ तथा लिपिकों का विवरण, भुगतान एवं बैंक खाता का विवरण सहित कई अन्य बिंदुओं की जानकारी मांगी है.


