Ranchi : झारखंड में इस बार मानसून की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है. जून का महीना बीतने को है, लेकिन बादलों की बेरुखी ने पूरे राज्य को सुखाकर रख दिया है. मौसम विभाग की ओर से जारी 1 जून से 25 जून तक बारिश के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 24 में से 22 जिले पानी के लिए तरस रहे हैं. पूरे राज्य में सामान्य से 58% कम बारिश दर्ज की गई है. जिसने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं.
केवल दो जिलों में राहत, बाकी सब बेहाल
मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि में केवल रांची (-14%) और दुमका (-16%) ही ऐसे जिले रहे, जहां सामान्य’ श्रेणी में बारिश हुई है. इन दो जिलों को छोड़ दें तो बाकी के 22 जिले भयंकर सूखे और पानी की भारी कमी (कमी और स्कैंटी श्रेणी) से जूझ रहे हैं.

महाकमी वाले जिले
राज्य के 15 जिलों में स्थिति सबसे भयावह (-60% से -99% की कमी) है. जहां मानसून ने पूरी तरह दगा दे दिया है. साहिबगंज और गढ़वा का सबसे बुरा हाल है. दोनों ही जिलों में 98% कम बारिश हुई है. गढ़वा में महज 1.7 मिलीमीटर और साहिबगंज में 3.2 मिलीमीटर पानी गिरा है. चतरा में सामान्य से 94% कम बारिश दर्ज की गई है. पलामू (-85%) और सराइकेला-खरसावां (-81%) कम बारिश हुई है. इसके अलावा लोहरदगा (-79%), कोडरमा (-77%), गोड्डा (-72%), देवघर (-68%), हजारीबाग (-68%), बोकारो (-67%), पाकुर (-66%), पश्चिमी सिंहभूम (-66%), लातेहार (-65%), पूर्वी सिंहभूम (-65%) और खूंटी (-64%) में भी बारिश कम हुई है.
7 जिलों में बारिश सामान्य से 20% से 59% तक कम
राज्य के 7 जिलों में बारिश सामान्य से 20% से 59% तक कम रही है, जो खेती के लिहाज से काफी नुकसानदेह है. जिसमें जामताड़ा (-23%), गुमला (-42%), सिमडेगा (-44%), रामगढ़ (-49%), धनबाद (-55%) और गिरिडीह (-56%) शामिल हैं.
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