Ranchi: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने आज सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 को लेकर जानकारी दी गई और राजनीतिक दलों के सवालों का जवाब दिया गया. उन्होंने कहा कि इस अभियान का मकसद यह है, कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट से छूटे नहीं और किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो.
5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची होगी प्रकाशित
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया, कि 20 जून से 29 जून 2026 तक प्रशिक्षण और प्रिंटिंग का काम चल रहा है. इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का फॉर्म भरवाएंगे. वहीं, 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी. इस सूची पर 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी. सभी दावों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी.

उन्होंने कहा कि BLO घर-घर जाकर मतदाताओं को पहले से आंशिक रूप से भरा हुआ इन्यूमरेशन फॉर्म देंगे. अगर किसी घर पर ताला बंद मिलेगा, तो BLO वहां कम से कम तीन बार जाएंगे. शुरुआत में मतदान केंद्रों पर कैंप नहीं लगेगा, बल्कि पूरा काम घर-घर जाकर किया जाएगा.
झारखंड में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को मंजूरी
के. रवि कुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम पिछली SIR वोटर लिस्ट में पहले से दर्ज है, उन्हें अलग से दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी. इसके लिए सेल्फ और पैरेंटल मैपिंग की जा रही है. साथ ही सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और सिविल व सैन्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों की पहचान कर उनकी गणना प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने झारखंड में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को मंजूरी दे दी है. कोशिश होगी कि एक ही परिवार के सभी लोगों का नाम एक ही मतदान केंद्र और एक ही सेक्शन में रहे. गणना के दौरान ऐसे मतदाताओं की पहचान भी की जाएगी, जो अनुपस्थित, मृत, डुप्लीकेट या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं. ऐसे नामों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा.
मतदाता बनने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जो नए मतदाता 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, उनके लिए फॉर्म-6 उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि इन नए आवेदनों का डिजिटाइजेशन 5 अगस्त के बाद होगा, इसलिए उनका नाम प्रारूप सूची में नहीं दिखेगा. इसके अलावा, विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक भी अपने पासपोर्ट में दर्ज पते के आधार पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में नाम जुड़वा सकेंगे. उन्होंने साफ कहा कि मतदाता बनने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है. यदि किसी गैर-नागरिक या भारतीय नागरिकता छोड़ चुके व्यक्ति को गलती से फॉर्म मिलता है, तो उसे बिना हस्ताक्षर किए BLO को लौटा देना होगा. गलत जानकारी देकर फॉर्म जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है.
लोगों की मदद के लिए विशेष स्वयंसेवक किए जाएंगे तैनात
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बुजुर्गों, बीमारों, एससी, एसटी और पीवीटीजी समुदाय के लोगों की मदद के लिए विशेष स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे. इसके साथ ही 30 जून को सुबह 11 बजे से 12 बजे तक चुनाव पाठशाला और वोटर अवेयरनेस फोरम के जरिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा. उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस अभियान में सहयोग करें, ताकि झारखंड में शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके.
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