Seraikela: JPSC और JSSC द्वारा आयोजित रोजगारपरक भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ 10 अगस्त को हुए झारखंड विधानसभा घेराव की सफलता पर AIDYO ने आंदोलनरत छात्र-नौजवानों का क्रांतिकारी अभिनंदन किया है. AIDYO ने कहा कि आंदोलन के दबाव में सरकार को अभ्यर्थियों की मांगों को मानने के लिए बाध्य होना पड़ा.
आंदोलन को बांटने की हुई साजिश
AIDYO ने विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने सत्ता लोलुपता और राजनीतिक हित साधने के लिए आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश की. साथ ही आंदोलन को आम अभ्यर्थियों से अलग कर बांटने की साजिश की गई. संगठन ने इसकी कड़ी निंदा की है. संगठन ने कहा कि तीन कृषि बिलों के खिलाफ किसानों का आंदोलन, दिल्ली के जंतर-मंतर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और अब झारखंड में राज्य सरकार के खिलाफ युवाओं का आंदोलन यह साबित करता है कि नीति और नैतिकता आधारित सशक्त जनतांत्रिक आंदोलन ही अपनी मांग मनवाने का एकमात्र रास्ता है.
सरकार से की 6 सूत्री मांग
सभी विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए.
भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर अविलंब जारी किया जाए.
निजी संस्थाओं को ठेका देकर परीक्षा कराने की प्रणाली को रद्द किया जाए.
चुनावी वादे के अनुसार बेरोजगारी भत्ता देने की शुरुआत अविलंब की जाए.
JPSC और JSSC की Governing Body में उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश को नियुक्त किया जाए.
JTET/JET जैसी पात्रता परीक्षाओं का आयोजन नियमित रूप से कराया जाए.
AIDYO ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो संगठन छात्र-नौजवानों के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज करेगा.
