Ranchi: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर, मजबूत और लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए SWASTH कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है. इस अभियान के तहत राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने से लेकर डिजिटल डेटा, मातृ स्वास्थ्य और अस्पतालों की व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. टाटा स्टील फाउंडेशन और पिरामल फाउंडेशन मिलकर इस कार्यक्रम को झारखंड में लागू करेंगे. कार्यक्रम को गेट्स फाउंडेशन से वित्तीय सहयोग मिलेगा. राज्य के 24 जिलों में यह अभियान चलाया जाएगा. इनमें 13 जिलों की जिम्मेदारी टाटा स्टील फाउंडेशन और 11 जिलों में कार्यक्रम का संचालन पिरामल फाउंडेशन करेगा.
NHM में हुई बड़ी बैठक
कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर सोमवार को नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के RCH सभागार में उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता NHM के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, IAS ने की.बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कोषांगों के राज्य प्रभारी, चिकित्सा अधिकारी, समन्वयक और सलाहकार शामिल हुए. अधिकारियों ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कार्यों और योजनाओं पर चर्चा की.
हर स्वास्थ्य गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड जरूरी
बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे हर काम की डिजिटल पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री होनी चाहिए. उन्होंने प्रसव केंद्रों पर डेटा प्रबंधन को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की सही जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और योजनाओं की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके.
मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर खास फोकस
SWASTH कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और देखभाल को प्राथमिकता दी जाएगी. हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली महिलाओं की समय पर पहचान, उन्हें बेहतर काउंसलिंग और जरूरत पड़ने पर अस्पताल रेफर करने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी. इसके अलावा बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि दूरदराज के इलाकों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल पहुंचने में परेशानी न हो.
आयुष्मान आरोग्य मंदिर और युवा केंद्र होंगे मजबूत
अधिकारियों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) की व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही जन आरोग्य समितियों (JAS) को सक्रिय करने और दूसरे विभागों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया. किशोरों के लिए चल रहे युवा मैत्री केंद्रों (AFHC) को भी मजबूत किया जाएगा. इन केंद्रों की बेहतर ब्रांडिंग के साथ उनकी गतिविधियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की योजना है.
अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
बैठक में जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, CHC, UCHC, PHC और AAM में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का निर्देश दिया गया. इसके लिए NQAS मानकों के अनुसार अस्पतालों की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.
